फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुनर्जन्म पर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने दिया बड़ा बयान

Thu, 21 Apr 2016 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने अपने पुनर्जन्म पर विराम के संकेत दिए हैं।
विज्ञापन
15वें दलाईलामा आएंगे या नहीं इस पर संशय है। 14वें तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने अपने पुनर्जन्म पर विराम के संकेत दिए हैं। मैकलोडगंज में भारत और नेपाल स्थित तिब्बतियन स्कूलों के छात्रों की कार्यशाला में दलाईलामा ने इस तरह के संकेत दिए हैं।
विज्ञापन


छात्रों की ओर से पुनर्जन्म के सवाल पर दलाईलामा ने कहा कि जीविका और तिब्बती बौद्ध संस्कृति की उन्नति सिर्फ एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि गोंपो लुडुप और भगवान बुद्ध की तरह महान भारतीय बुद्धिजीवियों का कभी पुनर्जन्म नहीं हुआ।

लेकिन, फिर भी अभ्यास और अध्ययन के माध्यम से उनकी शिक्षाएं सदियों के लिए जीवित हैं। दलाईलामा ने यह वक्तव्य अमेरिका में स्वास्थ्य जांच करवाकर लौटने के बाद दिया है। दलाईलामा ने इशारों में साफ कर दिया है कि पुनर्जन्म ज्यादा जरूरी नहीं है।
विज्ञापन


जरूरी है उनकी शिक्षाएं, शांति और अहिंसा का मार्ग जो उन्होंने दुनिया के लिए प्रशस्त किया है। कार्यशाला में दलाईलामा ने छात्रों से तिब्बत की समृद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि वे 21वीं सदी को शांतिपूर्ण और अहिंसक बनाएं। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म तिब्बत के लोगों की संपदा है। लेकिन, राजनीतिक रूप से तिब्बत को जबरदस्त नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें