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Shimla News: होलिका दहन के दिन भद्रा का साया, पुछकाल का समय शुभ

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उदयातिथि के अनुसार 13 मार्च को होगा होलिका दहन, 14 को मनाई जाएगी होली
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13 मार्च को सुबह 10:36 से रात 11:31 तक भद्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। रंगों का त्योहार होली हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाता है। वहीं इस दिन होलिका दहन किया जाता है। इस वर्ष होलिका दहन के दिन भद्रा का साया रहेगा।
उदयातिथि के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च को किया जाएगा। होलिका दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाने वाला एक शुभ त्योहार है। इस दिन भद्रा प्रात: 10:36 बजे से शुरू होगी और रात्रि 11:31 बजे तक रहेगी। ऐसे में भद्राकाल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता। भद्रा के मुख काल को छोड़कर भद्रा के पुछकाल में होलिका दहन किया जा सकता है। 13 मार्च को भद्रा मुख काल समय रात 8:18 से 10:27 बजे तक रहेगी। वहीं भद्रा पुछकाल समय शाम 7:00 बजे से रात 8:18 बजे तक रहेगा। राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी उमेश नौटियाल ने बताया कि भद्रा के मुख काल को छोड़कर भद्रा पुछकाल में होलिका दहन किया जा सकता है। पंचांग के अनुसार इस वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10:36 बजे पर शुरू हो रही है। वहीं इसका समापन 14 मार्च दोपहर 12:25 बजे पर होगा।
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इनसेट
14 मार्च को चंद्रग्रहण, रंगो की होली मनाने में संशय
पांचांग के अनुसार 14 मार्च को चंद्रग्रहण लग रहा है। इस दौरान होली का त्योहार मनाना शुभ नहीं माना जाता। इसमें कुछ लोगों को संशय भी है कि रंगो वाली होली 14 फरवरी या 15 फरवरी को मनाई जाएगी। इसके बारे में मिडल बाजार शिव मंदिर के पुजारी वासुदेव ने बताया कि भारत में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जहां पर रात होगी उन जगहों में इसका प्रभाव होगा। बताया कि चंद्रग्रहण सुबह 10:40 से शाम 2:18 बजे तक रहेगा। इस दौरान भारत में दिन रहता है। वहीं रंगों वाली होली 14 फरवरी को ही मनाई जाएगी। पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि स्नातन धर्म के अनुसार जहां पर ग्रहण दिखाई नहीं देता। वहां पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता, न ही कोई दोष लगता है।
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