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हजारों ने दी शहीद तिलक को अंतिम विदाई, सीएम जयराम भी पहुंचे

Sat, 16 Feb 2019 03:17 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जंद्रो (कांगड़ा)
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पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान तिलक राज को पत्नी सावित्री ने उसी दुल्हन के जोड़े में अंतिम विदाई दी जिसे पहनकर वह पहली बार अपने ससुराल आई थीं। लाल चुनरी ओढे़ और पारंपरिक गद्दी चोला-डोरा पहने सावित्री की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। इस गमगीन माहौल को देखकर हर किसी की आंखें छलक गईं। साथ ही पाकिस्तान की इस करतूत का करारा जवाब देने का आक्रोश भी था।

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सुबह साढ़े नौ बजे जैसे ही शहीद की पार्थिव देह घर के आंगन में पहुंचीं पत्नी, मां और अन्य परिजन बेसुध हो गए। हर कोई चीख-चीखकर रो रहा था। दो साल का मासूम बेटा वरुण समझ ही नहीं पा रहा था कि क्या हो रहा है, जबकि 25 दिन का दूसरा बेटा विवान परिजनों की गोद में रहा। शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे गूंजते रहे। करीब पौने दो घंटे तक लोगों ने शहीद के अंतिम दर्शन किए। 

जवाली की नाणा पंचायत के जंद्रो गांव के शहीद जवान तिलक राज की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर आंख नम, पूरी इलाका गम में डूबा हुआ था। पाकिस्तान के खिलाफ लोगों के दिलों में आक्रोश दिख रहा था। शहीद के घर से लेकर श्मशानघाट तक हुर्रियत और पाकिस्तान मुर्दाबाद और शहीद तिलक राज अमर रहे के नारे लगते रहे। बड़े भाई बलदेव ने शहीद को मुखाग्नि दी। इससे पहले सीआरपीएफ के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर से सलामी देकर हवा में गोलियां चलाईं। 
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शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भीड़ इतनी उमड़ी कि शहीद की अंतिम यात्रा घर के मुख्य गेट से नहीं निकल पाई। घर के आंगन से सड़क तक भीड़ को देखते हुए पार्थिव शरीर को घर के पीछे से खेतों के रास्ते ले जाया गया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, सांसद शांता कुमार, खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर, विधायकों के अलावा, पूर्व सांसद चंद्र कुमार और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी शहीद के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।

शहीद की पत्नी को नौकरी देगी सरकार : सीएम
शहीद तिलक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शहीद की पत्नी सावित्री देवी को नौकरी देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद के परिवार को 20 लाख रुपये आर्थिक मदद भी देगी। उन्होंने कहा कि ज्वाली के माध्यमिक स्कूल धेवा का नाम शहीद तिलक राज के नाम पर रखा जाएगा और स्कूल को स्तरोन्नत कर उच्च विद्यालय का दर्जा दिया जाएगा।

शहीद तिलक राज अपने पीछे पिता लायक राम, माता बिमला देवी, पत्नी सवित्री देवी, दो साल का बेटा वरुण और 22 दिन के बेटे विवान को छोड़ गए। शहीद तिलक राज की मौत के बाद अब घर चलाने का कोई साधन नहीं है।

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