सर्वेक्षण के आधार पर सरकार की योजना का मिलेगा लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। जिले में कृषि विभाग की ओर से फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके तहत जिलाभर में किसानों की ओर से की गई फसल की बिजाई की जानकारी डिजिटल तरीके से एकत्रित की जाएगी। इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही किसानों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिलेगा।
फसलों के डिजिटल सर्वेक्षण के लिए किसानों को अपना पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा। इसके लिए सभी किसान लोकमित्र केंद्रों में जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इस पंजीकरण के बाद ही विभाग की टीम फसलों का सर्वेक्षण करेगी। किसान लोक मित्र केंद्र में जाकर भी पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए किसान को अपने साथ आधारकार्ड, मोबाइल नंबर जो आधारकार्ड से लिंक हो और जमीन का खसरा नंबर साथ ले जाना होगा। उपनिदेशक कृषि शिमला डॉ. अजब नेगी ने बताया कि पंजीकरण के बाद किसानों को विभाग की ओर से आईडी दी जाएगी। इस आईडी से किसान सरकार से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ भी ले सकेंगे। यह पंजीकरण पूरी तरह से निशुल्क है। उन्होंने बताया कि इस सर्वेक्षण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी शामिल है जिसके तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। डॉ. नेगी ने बताया कि फसलों के डिजिटल सर्वेक्षण से किसानों की फसलों का वास्तविक और सटीक डाटा सरकार के पास जाएगा। कृषि के क्षेत्र में सरकार की ओर से चलाई जा रही नीतियों का लाभ आसानी से किसानों तक पहुंच सकेगा। डॉ. नेगी ने बताया कि डिजिटल सर्वेक्षण होने से लाभों का वितरण अधिक पारदर्शी और सुचारू रूप से किया जा सकेगा।