छात्रा का कहना है कि जानबूझ कर उसका अपहरण करवाया गया।
हिमाचल के कुल्लू में एलएमएस स्कूल की बारहवीं की छात्रा के रहस्यमयी अपहरण के बाद संस्थान पर कई सवाल उठ गए हैं। छात्रा का आरोप है कि सीबीएसई से रोलनंबर जारी होने के बावजूद स्कूल ने उसे जारी नहीं किया। प्रबंधन को डर था कि वह पढ़ाई में कमजोर है और फेल होने पर संस्थान का नाम खराब हो जाएगा। साख बचाने के लिए संस्थान उससे परीक्षा नहीं दिलवाना चाहता था।
छात्रा का कहना है कि जानबूझ कर उसका अपहरण करवाया गया। छात्रा की शिकायत पर अब पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सीधे आरोप लगने के कारण पुलिस प्रधानाचार्य से पूछताछ करेगी। पुलिस को दिए बयान में छात्रा ने कहा है कि पंद्रह मार्च को सुबह वह अपने घर से मौहल में कोचिंग के लिए निकली थी। इसी दौरान मौहल चौक से अगवा कर चार युवकों ने उसे स्कॉर्पियो में बैठा लिया।
उन्होंने धमकी दी है कि अगर प्रधानाचार्य और संस्थान के खिलाफ दुष्प्रचार करने से वह बाज न आई तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। युवकों ने छात्रा को परीक्षा न देने की धमकी भी दी। छात्रा के मुताबिक सभी युवकों ने नकाब पहना था और उसकी आंखों पर पट्टी बंधी थी। कुछ घंटों बाद नकाबपोशों ने उसे रामशिला के पास उतार दिया। इस घटना से वह बेहद घबरा गई और घर से बाहर नहीं निकल रही थी।
पुलिस ने छात्रा के घर जाकर उसका बयान लिया है। इसकी पुष्टि डीएसपी कुल्लू शिव चौधरी ने की है। उल्लेखनीय है कि रोलनंबर न मिलने पर ‘अमर उजाला’ में खबर छपने और पुलिस के दबाव के बाद छात्रा को एक पेपर होने के बाद आनन-फानन में रोलनंबर जारी किया गया था। छात्रा ने स्कूल प्रधानाचार्य पर अब अगवा करवाने का आरोप लगाया है।
प्रधानाचार्य से होगी पूछताछ : डीएसपी
डीएसपी कुल्लू शिव चौधरी ने बताया कि मामला गंभीर है। मौहल से भुंतर और कुल्लू की ओर आने वाले सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही हैं। एलएमएस प्रधानाचार्य से पूछताछ की जाएगी। छात्रा ने सीधा आरोप प्रधानाचार्य पर लगाया है।
सभी आरोप निराधार : कंवर
एलएमएस की प्रधानाचार्य ललिता कंवर के अनुसार उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें छात्रा के घर तक का पता नहीं है। उन्होंने कहा कि वह ऐसा कभी सोच भी नहीं सकती। उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं।