दिल्ली को पेयजल और हिमाचल को बिजली उपलब्ध करवाने वाले महत्वाकांक्षी रेणुका बांध निर्माण के लिए भू खरीद में हुए फर्जीवाड़े की प्रारंभिक जांच में चार अफसर लपेटे में आए हैं। वीरवार को विजिलेंस ने राजस्व और डैम में लगी एचपीसीएल कंपनी के चार अफसरों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
उक्त अधिकारी राजपत्रित और मैनेजर स्तर के बताए जा रहे हैं। विजिलेंस की मानें तो इस मामले में कुछ और अफसरों के खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई हो सकती है। रेणुका बांध पहले तो पर्यावरण मंजूरी के चक्कर में फंसा रहा। इस बीच भू सौदे में फर्जीवाड़े का मामला उठा। वर्ष 2013 में ही सीएम वीरभद्र सिंह ने इसकी जांच के निर्देश दिए थे।
इस मामले की जांच पूर्व में एडीसी मनमोहन शर्मा ने की थी। चल रहे विधानसभा बजट सत्र में भी इस मसले पर खूब हंगामा होने से सीएम के जांच के कड़े निर्देशों के बाद अब चार अफसरों पर एफआईआर दर्ज की गई है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार इन अधिकारियों की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है। हालांकि, विभाग इस मामले में फूंक-फूंककर कदम रख रहा है। यही कारण है कि अधिकारियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे।
डीएसपी विजिलेंस नाहन आरपी जसवाल का कहना है कि भूमि खरीद मामले में चार अधिकारियों पर केस दर्ज कर उन्हें तलब किया है। कुछ अन्य की गिरफ्तारी भी हो सकती है।