राजस्व विभाग की मिलीभगत से जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी जमीन का दूसरे व्यक्ति के नाम इंतकाल करने के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामला हिमाचल के बिलासपुर जिले का है। इतना ही नहीं, इंतकाल पर तहसीलदार के भी फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
जिस तहसीलदार के हस्ताक्षर किए गए हैं, उनका कहना है कि उन्होंने इंतकाल किया ही नहीं। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब जमीन का मालिक भूमि की वसीयत अपनी पत्नी के नाम करवाने गया।
बरमाणा क्षेत्र के हरनोड़ा गांव के कालाराम को मरा हुआ साबित कर उनकी जमीन का इंतकाल प्यारेलाल और गुरुद्वारा देवी के नाम कर दिया गया। गुरुद्वारा देवी को कालाराम की विधवा बताया है। राजस्व विभाग ने यह फर्जी इंतकाल 2016 में किया है।