फीस वृद्धि के विरोध में लड़ाई लड़ रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक दर्जन कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गाज गिरी है। जिला मुख्यालय धर्मशाला और नूरपुर उपमंडल में फीस वृद्धि के खिलाफ मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का पुतला जलाने के आरोप में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस थाना नूरपुर और धर्मशाला में मामले दर्ज किए गए हैं।
सूचना के अनुसार नूरपुर उपमंडल के राजकीय आर्य महाविद्यालय के प्रांगण में बुधवार को एबीवीपी ने रोष प्रदर्शन किया। इसी दिन परिषद कार्यकर्ताओं ने कालेज परिसर में विरोध स्वरूप सीएम का पुतला जलाने की भी योजना बनाई थी, लेकिन नूरपुर पुलिस की टीम एबीवीपी कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए कालेज पहुंच गई।
इसके चलते एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस को चकमा देते हुए कालेज की बजाय न्याजपुर बस स्टाप पर सीएम का पुतला जलाकर रोष प्रदर्शन किया था। नूरपुर थाने में एबीवीपी के पांच कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है।
पुलिस थाना धर्मशाला में भी चार एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ सीएम का पुतला जलाने के आरोप में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। एडिशनल एसपी डा. शिव कुमार ने मामले की पुष्टि की है।
पूर्व विधायक ने की आलोचना
नूरपुर हलके के पूर्व विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि कुछ दिन पहले प्रदेश युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने भी पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया था। उन्होंने जानना चाहा कि क्या पुलिस ने उनके खिलाफ भी ऐसा कोई मुकद्दमा दर्ज किया था। छात्रहित में पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।
सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय दबाने की कोशिश कर रही है। शीघ्र ही छात्र नेताओं पर दर्ज किए मुकद्दमों को वापस नहीं लिया जाता तो एबीवीपी प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करेगी।
नवीन शर्मा, प्रदेश संगठन मंत्री