हिमाचल में साधु के वेश्ा में आए साधुओं ने नमक का कर्ज कुछ इस तरह चुकाया की हर कोई हैरान रह जाए। मामला ऊना जिला का हैं जहां पर पंजाब की ओर से आए शातिरों ने हरोली के नंगलकलां में महिला को निशाना बनाकर गहनों पर हाथ साफ कर दिया।
जानकारी के मुताबिक नंगलकलां के वार्ड नंबर पांच में दो भगवा वस्त्रधारी युवक छिंदो देवी के घर पहुंचे। इस दौरान छिंदो के बच्चे भी घर में ही खेल रहे थे।
दोनों शातिरों ने छिंदो से कहा कि उन्हें भूख लगी है और भोजन करने की इच्छा है। छिंदो ने साधु समझकर दोनों को पंखे के नीचे बिठाया और खुद खाना तैयार करने में जुट गई।
देसी घी के साथ गोभी वाला पुलाव खाने के साथ शातिरों ने दो-दो गिलास लस्सी के भी गटक डाले। इसके बाद शातिरों की भूख शांत हुई और उन्होंने महिला से कहा कि उन्हें दक्षिणा के तौर पर कुछ गहने और रुपये भी दें।
तुम्हारा कल्याण हो और बालियां लेकर फरार
महिला ने जवाब दिया कि उसके पास न तो गहने हैं और न ही रुपये। इसके बाद दोनों शातिरों ने महिला को कहा कि तुम्हारा कल्याण हो। तुम सदा सुखी रहोगी।
शातिरों ने यह भी कहा कि तुम्हें आने वाले समय में काफी फायदा होगा। इसके बाद एक शातिर ने रुमाल निकाला और महिला को आशीर्वाद देने के लिए अपना दायां हाथ आगे बढ़ाया। आशीर्वाद देते हुए शातिर ने रुमाल महिला के सिर, माथे और नाक पर लगाया।
इसके बाद महिला बेहोश होकर आंगन में ही गिर पड़ी। महिला के बच्चों ने महिला को संभाला। दोनों भगवा वस्त्रधारी भी महिला के पास ही बैठे रहे और महिला को होश में लाने का प्रयास करते रहे।
मोटरसाईकिल से आए थे शातिर
जब छिंदो देवी को होश आया तो उसने अपने कान की सोने की बालियां गायब पाईं। इस दौरान अन्य लोग भी वहां पहुंचे। कुछ लोगों ने बताया कि दोनों शातिर यहां से निकलने के बाद कुछ दूर जाकर दोपहिये पर सवार होकर भागे हैं।
नंगलकलां ग्राम पंचायत के प्रधान अर्जुन सिंह ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि कुछ दूर दोपहिये को पार्क करने के बाद दोनों शातिर छिंदो देवी के घर तक पैदल ही पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि छिंदो देवी को पुलिस के पास शिकायत करने को कहा है। ऐसा लग रहा है कि शातिरों ने रुमाल में कोई बेहोशी की दवा लगाई थी, जिससे छिंदो देवी बेहोश हो गई।