शहर के फेज-3बी2 में नकाबपोश लुटेरों ने शनिवार सुबह बंदूक की नोक पर एक परिवार को बंधक बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया। लुटेरे घर से चालीस हजार की नकदी, एयरगन एवं अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
जाते समय लुटेरे घरवालों को बाथरूम में बंद कर गए। लेकिन घर में रेनोवेशन का काम चला होने के कारण छोटा बेटा बड़ी मुश्किल से बाथरूम की एग्जॉक्ट फैन वाली खिड़की से बाहर निकाला।
इसके बाद उसने पिता एवं अन्य लोगों को सूचित किया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
रागी है मकान मालिक
फेज-3बी2 के मकान नंबर 1024 के मालिक हरजीत सिंह गुरुद्वारा साचा धन में रागी हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह पांच बजे रोजाना की तरह मेन एंट्री को ताला लगाकर गुरुद्वारा साहिब चले गए थे।
करीब छह बजे सुबह दो व्यक्ति ताला तोड़कर घर में घुसे। उनके पास बंदूक थी। घर में दाखिल होते ही लुटेरों ने बेटे के सिर पर बंदूक लगा दी। साथ ही पत्नी एवं बेटी से कहा कि गहने और नकदी जो भी है।
उसे जल्दी से उनके पास ले आओ। लेकिन जब घरवालों ने उन्हें कोई जानकारी नहीं दी। तो गुस्साएं लुटेरों ने हरजीत की पत्नी और बेटी के हाथ बांधकर बाथरूम में बंद कर दिया। साथ ही एक घंटे तक पूरी तलाशी ली।
नकदी और एयरगन ले गए
इसी बीच उन्हें घर से चालीस हजार नकदी एवं एक एयरगन मिल गई। गन पर लैंस लगा देखकर उन्हें लगा काफी कीमती है। उन्होंने हरजीत के बेटे से पूछा क्या चलती है। उसने कहा कि चलाकर देख लो। इसके बाद उन्होंने सारे सामान को तोलिए में भर लिया।
साथ ही हरजीत के बेटे को भी बाथरूम में बंद कर दिया था और वहां से रवाना हो गए। इसके बाद हरजीत के दसवीं की पढ़ाई कर रहा बेटा बड़ी हिम्मत कर बाहर निकला। साथ ही गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर पिता को बताया। इसके बाद पिता एवं गुरुद्वारे वाले घर पहुंचे।
मौके पर पुलिस, डॉग स्क्वॉयड, फिंगर प्रिंट्स एक्सपर्ट्स तथा अन्य टीमें भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि अभी तक पुलिस कोई सुराग हाथ नहीं लगा। थाना मटौर पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कहीं और करनी थी लुटेरों को वारदात
हरजीत सिंह ने बताया कि जब लुटेरे उनके यहां वारदात को अंजाम दे रहे थे। उस दौरान जब उन्हें घर से बड़ा सामान हाथ नहीं लगा, तो वह आपस में कहने लगे कि जैसा उन्हें बताया गया था। वैसा तो उन्हें यहां कुछ मिला ही नहीं है। ऐसे में उन्हें संदेह है कि उनका निशाना कहीं और था।
एक सरदार और दूसरा पैंट कमीज में था
हरजीत सिंह ने बताया कि जो दो लुटेरे उनके घर में घुसे थे। उनमें एक सरदार व दूसरा साधारण कपड़े पहने था। सरदार ने धार्मिक लिवास पहना हुआ था। उसने सिंह पर नीला पटका और मुंह को पीले कपड़े से कवर किया था। दूसरे ने पैंट कमीज व सफेद रूमाल से मुंह कवर किया हुआ था।
एयरगन न मिलती तो कर सकते थे ज्यादा नुकसान
हरजीत ने बताया कि अगर उनके घर से एयरगन न मिलती तो लुटेरे ज्यादा नुकसान कर सकते थे। क्योंकि लुटेरों को लगा कि एयरगन काफी मंहगी है। इसके बाद वह वहां से निकल गए। एयरगन दिवाली पर उनके बेटे ने दो हजार में खरीदी थी।
पहले भी चुकी है लूट, अब तक नहीं लगा सुराग
फेज-3बी1 में इसी साल फरवरी में एक घर के लोगों को बंधक बनाकर लूट की वारदात हुई थी। उस दौरान लुटेरे घर से लाखों का सामान लूटने के बाद घर के वाहनों की चाबियां भी अपने साथ ले गए थे। उस मामले में भी अभी तक पुलिस खाली हाथ है।
इस मामले में लुटेरों ने वारदात के कुछ समय बाद एक पत्र भी घरवालों को भेजा था। जिसमें उन्होंने वारदात करने के लिए खेद जताया था। लुटेरों ने कहा था कि उनका निशाना कहीं और था।