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किया था खतरनाक काम, पूरे परिवार को मिली सजा

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अदालत ने एक ही परिवार के पांच लोगों को जेल भेज दिया। इन्हें पांच साल तक की कठोर कारावास की सजा सुना दी। इनका गुनाह भी कम नहीं था। सभी ने मिलकर ऐसा काम किया था जो आज तक शायद ही हिमाचल में किसी ने किया हो।
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जानकारी के अनुसार टैक्स चोरी कर सरकारी राजस्व को चूना लगाने और पकड़े जाने पर इस परिवार ने सहायक आबकारी एवं कराधान अधिकारी बद्दी और टीम को बंधक बना डाला था।

बाद में इनके साथ मारपीट की गई। मगर जब मामला कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने सात लोगों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देने पर सभी को पांच वर्ष कठोर कारावास समेत चार सजाएं सुनाई हैं।
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ये है पूरा मामला

28 और 29 सितंबर, 2013 की रात को एईटीओ शेर सिंह, इंस्पेक्टर अरुण जसल और विरेंद्र सूद ने कुम्हारहट्टी चौक पर नाका लगाया था। सोलन की ओर से स्क्रैप से भरा ट्रक जांचा गया। चालक को कागज दिखाने को कहा तो उसने कहा कि कागज मालिक के पास हैं।

अधिकारियों ने ट्रक संचालक पर तीस हजार का जुर्माना ठोका। चालक ने कहा कि शेष कागज मालिक ला रहे हैं। कुछ देर बाद दो गाड़ियां आईं। उसमें बैठे हमलावरों ने एईटीओ को गाड़ी से बाहर खींचा, इंस्पेक्टर और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को पीटना शुरू कर दिया।

बाद में सभी को वाहन में भरकर शिमला की ओर ले गए। रास्ते में उन्हें डराते रहे तथा रिश्वत के झूठे केस बनाने की धमकी दी गई। बाद में सभी लोग कंडाघाट में एक प्रधान हमिंद्र सिंह के घर ले गए। प्रधान को बताया कि ये लोगों से पैसा इकट्ठा कर रहे हैं।

पुलिस तक पहुंचा मामला

प्रधान ने कहा कि उनके खिलाफ मामला पुलिस में दर्ज कराएं। धर्मपुर पुलिस के एएसआई सब इंस्पेक्टर एमआई खान ने मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

पांच साल तक कारावास
मामले की सुनवाई करते हुए गमा राम पुत्र बालक राम, संदीप कुमार पुत्र गामा राम, दीपराम पुत्र गामा राम, जगदीश कुमार पुत्र गामा राम निवासी गांव जुबली जिला अंबाला वर्तमान पता शालाघाट, कंडाघाट सोलन, संदीप उर्फ सुनील, अमृतपाल, गुरमेल सिंह को धारा 365 के तहत पांच साल की सजा और 15 सौ रुपये जुर्माना लगाया।

जुर्माना न देने पर तीन माह अतिरिक्त सजा। 332 के तहत तीन साल सजा और एक हजार जुर्माना। जुर्माना न देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास। 148 के तहत दो साल कारावास और पांच सौ रुपये जुर्माना। 506 के तहत दो साल कारावास और एक हजार जुर्माना। जुर्माना न देने पर दो माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। सभी सजाएं एकसाथ चलेंगी।
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एक महिला भी शामिल

इस मामले में एक महिला भी शामिल रही। इसे एक साल कारावास और पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया है। दोषियों में एक ही परिवार के पांच सदस्य मां बाप और तीन बेटे शामिल हैं। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेमपाल रांटा ने यह फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष से मामले की पैरवी उप न्यायवादी मोहिंद्र कुमार शर्मा ने की।

तारो देवी पत्नी गामा राम को सरकारी काम में बाधा पहुंचाने पर धारा 353 के तहत एक वर्ष सजा और पांच सौ रुपये जुर्माना देने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर एक माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। मामला धर्मपुर में दर्ज है।
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