हिमाचल, पंजाब के बाद राजस्थान में गुरुवार को राजस्थान के सीकरी में दवा विक्रेता की दुकान में नोटिस चस्पां कर दिए। जांच में सामने आया है कि संबंधित दवा विक्रेता को भी कंपनी के मालिक ने दवा की सप्लाई की थी।
मेसर्स जेनेट फार्मास्युटिकल्स कंपनी के दवा कारोबार से जुड़ी जांच परतें खुलनी शुरू हो गई हैं। हिमाचल, पंजाब के बाद राजस्थान में गुरुवार को राजस्थान के सीकरी में दवा विक्रेता की दुकान में नोटिस चस्पां कर दिए। जांच में सामने आया है कि संबंधित दवा विक्रेता को भी कंपनी के मालिक ने दवा की सप्लाई की थी। ऐसे में अब जांच टीम ने दवा कंपनी के मालिक को पूछताछ के लिए शिमला मुख्यालय तलब किया है। फर्जी बिल के आधार पर दवाओं की अवैध बिक्री करने से जुड़े मामले में सीआईडी की एसआईटी को कई साक्ष्य मिले हैं।
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जांच में पाया गया है कि राजस्थान के सीकरी में भी दवा की सप्लाई हुई। ऐसे में अब छानबीन को आगे बढ़ाते हुए जांच टीम साक्ष्य जुटाने के लिए राजस्थान गई है। इस मामले में एक सप्लायर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ऐसे में उसकी तलाश की जा रही है। ऑडिट के दौरान फर्म की संदिग्ध बिक्री पाई गई है। यह पाया गया कि एनडीपीएस दवाओं को बेचने के लिए फर्जी बिल तैयार किए थे। अभी तक पूरे मामले में दो गिरफ्तारी हुई है। इनमें कंपनी का मालिक और मैनेजर शामिल हैं। सीआईडी के आग्रह पर गिरफ्तार चल रहे दोनों आरोपितों को रिमांड भी बढ़ा दिया है।