इसी वजह से बैंकों में एक ही नंबर का कई खातों में इस्तेमाल किया गया तो कर्मियों ने कोई सवाल नहीं उठाया। हालांकि, जांच एजेंसी इस बात की तसदीक कर रही है कि बैंक कर्मियों की इसमें क्या भूमिका रही है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस महीने के अंत से शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारियों कर्मचारियों से भी पूछताछ हो सकती है। यही वजह है कि जांच अधिकारी संस्थानों से सीज किए गए दस्तावेजों की स्क्रूटनी करने में दिन-रात एक किए हुए हैं।