नहाते समय रवि राम अचानक गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगा। भाई को बचाने के लिए गुरप्रीत सिंह भी गहरे पानी में उतर गया और खुद भी डूब गया।
इनके साथ मौजूद दोस्तों ने शोर मचाया। लेकिन आसपास कोई गोताखोर न होने के कारण कुछ नहीं हो सका। नौजवानों के डूबने की खबर मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू की।
करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों की ओर से नहर से गुरप्रीत सिंह को बाहर निकाला गया। उसे तुरंत पातड़ां अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जबकि दूसरे लड़के रवि राम की खबर लिखे जाने तक तलाश की जा रही थी।
उधर गांव करीमनगर के सरपंच कुलवंत बाजीगर और पूर्व सरपंच सीबा राम आदि ने रोष जताया है कि पातड़ां प्रशासन की ओर से भाखड़ा नहर में लोगों खास तौर से नौजवानों को नहाने से रोकने के लिए किसी तरह का कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। जिस कारण अब तक कई नौजवान भाखड़ा नहर में डूब कर अपनी जान गंवा चुके हैं।