अमर उजाला से खास बातचीत में अनुज पाल ने कहा कि प्रतियोगिता की शुरुआत में टीम ने अपने खेल को मैच दर मैच निखारते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। तमिलनाडु की टीम पांच बार विजय हजारे ट्रॉफी पर कब्जा कर चुकी है।
विजय हजारे ट्रॉफी जीतने के लिए हर प्रकार की पिच पर खेलने का अनुभव होना चाहिए। बीते कुछ वर्षों से हिमाचल प्रदेश में भी टफ पिचें तैयार कर जा रही हैं। इन पिचों पर ही लगातार अभ्यास करना विजय हजारे ट्रॉफी में जीत का एक बड़ा कारण साबित हुआ। विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हिमाचल की टीम के कोच रहे अनुज पाल ने ऊना में स्वागत कार्यक्रम में जीत का श्रेय टीम से जुड़े हर व्यक्ति को दिया। अमर उजाला से खास बातचीत में अनुज पाल ने कहा कि प्रतियोगिता की शुरुआत में टीम ने अपने खेल को मैच दर मैच निखारते हुए बेहतरीन प्रदर्शन किया। तमिलनाडु की टीम पांच बार विजय हजारे ट्रॉफी पर कब्जा कर चुकी है।
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ऐसे में फाइनल मुकाबले में तमिलनाडु की टीम को हराना आसान काम नहीं था, लेकिन टीम के सभी खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करते हुए अंत में पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी पर कब्जा किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल में क्रिकेट जगत में सुविधाओं में काफी इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान के अलावा आज हर दूसरे जिले में क्रिकेट मैदान मौजूद हैं, जहां रणजी ट्रॉफी तक खेली जा सकती है। उन्होंने खिलाड़ियों को अपने अगले लक्ष्य के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल क्रिकेट के लिए विजय हजारे ट्रॉफी की जीत अहम साबित होगी। कहा कि टीम के सभी खिलाड़ियों ने जीत के लिए कड़ी मेहनत की। इसका नतीजा आने वाले समय पर होने वाले मुकाबलों में देखने को मिलेगा।