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सीपीएस मामला: जयराम ठाकुर बोले-कुर्सी बचाने के लिए करोड़ों खर्च कर रही कांग्रेस सरकार

Fri, 22 Nov 2024 05:34 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

हिमाचल और जनता के हितों की उन्हें कोई चिंता नहीं है। कुर्सी बचाना ही उनकी प्राथमिकता रह गई है। इतिहास में पहली बार हिमाचल नीलाम करने की स्थिति पैदा हो गई है।
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सीपीएस मामले में कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि कुर्सी बचाने के लिए राज्य सरकार करोड़ों रुपये खर्च रही है। हिमाचल और जनता के हितों की उन्हें कोई चिंता नहीं है। कुर्सी बचाना ही उनकी प्राथमिकता रह गई है। इतिहास में पहली बार हिमाचल नीलाम करने की स्थिति पैदा हो गई है। सर्किट हाउस मंडी में शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में जयराम ने कहा कि हिमाचल की मौजूदा स्थिति से ऐसा लग रहा है कि सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। कोर्ट के प्रति सम्मान है, लेकिन प्रदेश सरकार का कार्य कोर्ट को करना पड़ रहा है।

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हिमाचल के इतिहास में पहली बार संपत्तियां अटैच हो रही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार गुमराह करने में लगी हुई है। कहा कि 2023 में चायल पैलेस, कुंजुम मनाली, धौलाधार होटल प्राॅफिट में थे। कोर्ट के आदेश की आड़ में इन होटलों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी चल रही है। एचपीटीडीसी मामले में प्रदेश सरकार को डबल बेंच में जाना चाहिए। एसपी बद्दी इल्मा अफरोज मामले में कहा कि वह बेहतरीन कार्य कर रही थीं, लेकिन प्रदेश सरकार को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने मंत्री जगत सिंह नेगी की टिप्पणी पर कहा कि वह किसी नियम, संविधान को ही नहीं मानते हैं। इस अवसर पर उनके साथ सदर विधायक अनिल शर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष निहाल चंद आदि मौजूद रहे।

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सरकार ने मीडिया पर लगाई अघोषित इमरजेंसी : भाजपा
 प्रदेश मीडिया प्रभारी करण नंदा और प्रवक्ता विवेक शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में मीडिया पर अघोषित इमरजेंसी लागू कर दी गई है। कांग्रेस नेता के सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को लेकर भाजपा नेताओं ने कहा है कि मौजूदा सरकार में मीडिया की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। मौजूदा हालात के कारण कांग्रेस नेता बौखला गए हैं। सरकार के ऊपर भूमि माफिया, तबादला माफिया, ड्रग माफिया, शराब माफिया और खनन माफिया को संरक्षण देने के आरोप लग रह हैं। सरकार कभी मीडिया पर सेंसरशिप लगाने की बात करती है तो कभी नोटिस देकर धमकाया जा रहा है। सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिकारियों की न्यायालय में आवाज तक नहीं निकलती लेकिन कांग्रेस नेता मीडिया को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। 

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