केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) ने साल 2006 में यह किस्म विकसित की है। ज्यादा गर्मी के कारण जिन क्षेत्रों में आलू नहीं उगाया जा सकता है, उन क्षेत्रों के किसानों के लिए यह किस्म उपयुक्त है।
महाराष्ट्र के उच्च तापमान के लिए कुफरी सूर्या किस्म अनुकूल है। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) ने साल 2006 में यह किस्म विकसित की है। ज्यादा गर्मी के कारण जिन क्षेत्रों में आलू नहीं उगाया जा सकता है, उन क्षेत्रों के किसानों के लिए यह किस्म उपयुक्त है। मंगलवार को सीपीआरआई में महाराष्ट्र के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. ब्रजेश सिंह ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि देश में आलू की खपत बढ़ रही है, कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां आलू की पैदावार कम हो रही है। ऐसे क्षेत्रों के लिए कुफरी सूर्या किस्म बेहतरीन है।
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महाराष्ट्र के अलावा कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सहित अन्य गर्म इलाकों के लिए यह बेहद उपयोगी किस्म है। सीपीआरआई के सामाजिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डाॅ. आलोक कुमार ने बताया कि महाराष्ट्र के 20 कृषि अधिकारी तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सीपीआरआई पहुंचे हैं। कृषि आयुक्त महाराष्ट्र सरकार की ओर से प्रायोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय आलू प्रौद्योगिकी में प्रगति रखा गया है। सामाजिक विज्ञान विभाग के वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी डीके गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान आलू की बिजाई से लेकर खोदाई तक विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी।