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नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में इस दिन प्रदर्शन करेगी माकपा

Mon, 16 Dec 2019 05:37 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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संसद में पारित हुए नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) 19 दिसंबर को प्रदेश भर में प्रदर्शन करेगी। पार्टी नेताओं ने इस बिल के माध्यम से केंद्र सरकार पर देश के सांप्रदायिक सौहार्द को जानबूझ कर बिगाड़ने का आरोप लगाया है। पार्टी ने दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुए लाठीचार्ज पर भी रोष जताया है।

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माकपा के राज्य सचिव ओंकार शाद और सचिव मंडल सदस्य संजय चौहान ने कहा कि नागरिकता संशोधन बिल के माध्यम से नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों को जिस तरह से बदला गया है, वह भारत की बुनियाद और संविधान पर हमला है। इस बिल से संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15ए जिसमें समानता का अधिकार दिया गया है का भी खुला उल्लंघन किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस बिल के पारित होने के बाद पाकिस्तान, बांग्ला देश और अफगानिस्तान से अवैध रूप से भारत में आए 6 धर्म विशेष के लोगों को बिना वैध दस्तावेजों के भी भारत की नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ  हो गया है। इसमें एक धर्म विशेष के लोगों को बाहर रखा गया है। भारत की विशेषता रही है कि हमारे संविधान के अनुरूप भारतीय राज्य धर्म के आधार पर न तो किसी से भेदभाव करता है और न ही यहां धर्म के आधार पर नागरिकता दी जाती है।
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राज्य सचिव ने कहा कि संशोधित विधेयक में नागरिकता पाने का आधार धर्म को बनाया गया है। पार्टी इसका विरोध करती है। 19 दिसंबर को पूरे में इसको लेकर प्रदर्शन किए जाएंगे। हिमाचल में भी इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। पार्टी की राज्य कमेटी ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए लाठीचार्ज, गोलीबारी व परिसर में हुई तोड़फोड़ की भी कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

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