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गोहत्या पर भड़के लोग, साढ़े 6 घंटे डीसी का घेराव

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हिमाचल के चंबा के रैनोला गोहत्या मामले के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को लेकर चंबा में लोगों ने उपायुक्त को ही करीब साढ़े छह घंटे तक दफ्तर में घेरे रखा। ऑफिस से निकालने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त के खिलाफ उनके दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया।
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गुस्साई भीड़ ने उपायुक्त को दोपहर 12:00 बजे से लेकर शाम साढ़े छह बजे तक दफ्तर से बाहर नहीं निकलने दिया। शाम करीब साढ़े छह बजे कड़े सुरक्षा घेरे में उपायुक्त को उनके ऑफिस से निवास स्थान तक पहुंचाया। इससे पहले प्रदर्शनकारी भीड़ ने वीरवार को चंबा उपायुक्त कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा किया।

गोहत्या के विरोध में कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों और प्रशासन की वीरवार को आपस में ठन गई। उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रदर्शनकारियों के कुछ प्रतिनिधियों ने डीसी चंबा पर उन्हें कार्यालय से बाहर निकालने के आरोप लगाए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त कार्यालय में जमकर प्रशासन विरोधी नारे लगाए।
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डीसी पर भड़की भीड़, रखी माफी की मांग

गुस्साई भीड़ ने डीसी एम सुधा देवी पर प्रदर्शनकारियों को ऑफिस से निकालने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया। इससे गुस्साए लोगों ने डीसी को लगभग साढ़े छह घंटे तक ऑफिस से बाहर नहीं निकलने दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने सुरक्षा घेरा कस दिया। शाम करीब साढ़े छह बजे कड़े सुरक्षा घेरे के बीच डीसी को उनके ऑफिस से निवास स्थान तक पहुंचाया।

इस दौरान उपायुक्त कार्यालय में मौजूद एसपी चंबा विरेंद्र तोमर और उपायुक्त एम सुधा देवी के बीच चर्चा के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों को शांत करवाने की कोशिश की जाती रही। हालांकि, भीड़ के प्रदर्शन के चलते कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा था। प्रदर्शनकारी जिद्द पर अड़े थे कि उपायुक्त लोगों को कार्यालय से बाहर निकालने की अभद्रता के लिए माफी मांगे।

प्रदर्शन दोपहर के लगभग 12:00 बजे से शुरू होकर शाम 6:30 बजे तक जारी रहा। उपायुक्त को कार्यालय में नजरबंद देख पुलिस भी उबाल में दिख रहे थे। उपायुक्त और पुलिस के बीच मंत्रणा का दौर भी जारी था। लिहाजा, बेहद संवेदनशील बनी रही। संभावना लगती रही कि अगर प्रदर्शनकारी नहीं माने तो पुलिस को लाठीचार्ज के आदेश मिल सकते हैं।
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