संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) के फ्लोरिडा में पिछले कुछ महीनों से फंसे हिमाचल के आधा दर्जन से ज्यादा नागरिक अगले एक महीने में भारत पहुंच जाएंगे। मर्चेंट नेवी की एक कंपनी में कार्यरत इन हिमाचलियों समेत देश के करीब ढाई सौ युवा वहां फंस गए थे। युवाओं ने केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत केंद्र सरकार को ट्वीट कर मदद की गुहार लगाई थी।
इस दौरान अमर उजाला ने युवाओं की परेशानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी मामले को केंद्रीय विदेश मंत्री से उठाया और प्रक्रिया शुरू हो गई। नौवहन महानिदेशालय ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिए हैं। आदेश में एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) बनाई गई है जिसके तहत सभी नाविक एक ही जहाज से मुंबई पहुंचेंगे।
यहां से उन्हें एक क्वारंटीन सेंटर ले जाया जाएगा, जहां वे सभी अगले चौदह दिन स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में रहेंगे। इसके बाद स्वास्थ्य परीक्षण होगा और फिर उन्हें घर जाने की मंजूरी मिलेगी। यूएस में फंसे धर्मशाला के राकेश कुमान ने बताया कि महानिदेशालय से पत्र आने के बाद सभी ने राहत की सांस ली है। उन्होंने सभी फंसे हुए लोगों की तरफ से भारत सरकार का धन्यवाद किया है।