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नहीं दिया मुआवजा, जब्त होगा एचआरटीसी का ये डिपो

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सड़क हादसे में जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को मुआवजा न देने पर एचआरटीसी का डिपो जब्त किया जा रहा है। अदालत ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। मामला हिमाचल के ऊना का है। यहां जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने मंगलवार को एक अहम फैसले में एचआरटीसी देहरा डिपो की संपत्ति अटैच करने के आदेश दिए हैं।
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2008 में हुई एक सड़क दुर्घटना में पीड़ित परिवार को मुआवजा न देने पर अदालत ने यह आदेश जारी किए हैं। अदालत ने एचआरटीसी देहरा डिपो को फरवरी 2015 में पीड़ित परिवार को 6 लाख 48 हजार रुपये की राशि ब्याज सहित देने के आदेश दिए थे। पीड़ित परिवार की अधिवक्ता विजय ठाकुर अदालत में मामले की पैरवी कर रहे हैं।

यह है पूरा मामला

गौरतलब है कि 2008 में रक्कड़ कालोनी में हुई एक दुर्घटना में युवक की मौत के मामले में एचआरटीसी के खिलाफ मुआवजे का मामला अदालत में चल रहा है। दुर्घटना में युवक की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों ने अदालत में मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी।

इसमें अदालत ने पीड़ित परिवार को एचआरटीसी को मुआवजा देने के आदेश दिए थे, लेकिन मुआवजा न देने पर मंगलवार को अदालत ने यह आदेश दिए हैं। एचआरटीसी देहरा डिपो के अधिवक्ता केशव चंदेल ने कहा कि अदालत के आदेशों की अनुपालना की जा रही है।
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यहां जब्त होगी रेलवे की संपत्ति

उधर, उत्तरी रेलवे और किसानों के बीच जिला अदालत में चल रहे मुआवजे के मुकद्दमों में रेलवे ने कोर्ट से मोहलत मांगी है। मंगलवार को नार्दन रेलवे के जीएम अदालत में पेश हुए जिन्होंने जिला के त्यूड़ी गांव के बारह मामलों में कोर्ट द्वारा तय अतिरिक्त मुआवजा जमा कराने के लिए समय देने की अपील की। अदालत ने इसके लिए आगामी तिथि 26 अक्तूबर तय की है।

तय तिथि के अनुसार अगर रेलवे ने किसानों का मुआवजा जमा न कराया तो रेलवे की संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। सभी मामलों को मिलाकर रेलवे को करीब 75 लाख रुपये मुआवजे के रूप में अदालत में अदा करने होंगे। किसानों की ओर से मामलों की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अरुण कुमार सैणी ने यह जानकारी दी है।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को एडीजे टू विकास भारद्वाज की अदालत में त्यूड़ी के 12 मामलों के अलावा दियाड़ा गांव से संबंधित मुख्तियार सिंह के नाम के एक मामले की सुनवाई हुई। इस मामले में नार्दन रेलवे के महाप्रबंधक अदालत में पेश हुए, जिन्होंने अदालत से मुआवजे के रूप में बनने वाली अतिरिक्त राशि को जमा करवाने के लिए मोहलत की मांग की। अधिवक्ता सैणी ने बताया कि अदालत ने अंतिम अवसर के तौर पर 26 अक्तूबर की तिथि तय की है।
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