सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और कॉलेज क्वार्टर गिराने के मामले में हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एचपीसीए) के अध्यक्ष एवं सांसद अनुराग ठाकुर को कोर्ट में पेश न होने पर दूसरी बाद रूटीन समन जारी हुआ है।
एचपीसीए पर दर्ज एफआईआर नंबर 14/13 मामले में सोमवार को विशेष न्यायाधीश धर्मशाला देवेंद्र कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट से पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक ओपी शर्मा को जमानत मिल गई। सोमवार को सरकार की ओर से कोर्ट में विशेष जन अभियोजक जवाहर शर्मा पेश हुए।
उन्होंने 23 मई को मामले की अगली सुनवाई की पुष्टि की। सोमवार को मामले में आरोपी आरोपी मोहिंद्र चंद, देवी सिंह चौहान, ललित मोहन शर्मा, नरेंद्र अवस्थी और ओपी शर्मा कोर्ट में पेश हुए जबकि अनुराग ठाकुर, एचपीसीए पदाधिकारी अतर सिंह सहित गौतम ठाकुर अनुपस्थित रहे।
पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक ओपी शर्मा ने कोर्ट में रूटीन बेल बांड भरे। इस मामले में कुल नौ आरोपी हैं। दो अन्य आरोपियों तत्कालीन उपायुक्त कांगड़ा केके पंत और तत्कालीन प्रधान सचिव शिक्षा पीसी धीमान के खिलाफ केंद्र से अभियोजन मंजूरी मिलना बाकी है।
क्या है मामला
आरोप है कि एचपीसीए ने धर्मशाला में क्रिकेट स्टेडियम निर्माण के लिए पीजी कॉलेज के प्रोफेसरों के सरकारी क्वार्टरों के लिए निर्मित दो मंजिला भवन को गिराकर 720 वर्ग मीटर भूमि पर कब्जा जमा लिया। करीब डेढ़ कनाल में फैली इस जमीन की एचपीसीए को लीज नहीं हुई थी।
स्टेडियम के लिए अलॉट की गई पूरी भूमि पहले शिक्षा विभाग के नाम थी, जबकि बाद में स्टेडियम को देने के लिए इसे युवा सेवाएं एवं खेल विभाग के नाम हस्तांतरित किया गया।