न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने हिमाचल सरकार के उन कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी प्रतिकूूल टिप्पणी की है, जो एक ही छत के नीचे स्थापित है और उसी भवन में स्थापित दूसरे दफ्तर के लिए डाक के माध्यम से पत्राचार करते हैं जिसे कि सेवादार के जरिये और ईमेल या अन्य माध्यम से भेजा जा सकता है। इससे समय और सरकारी खजाने दोनों की ही बचत होगी।
न्यायाधीश ने उक्त आदेश प्रार्थी संगीता की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किए। एडीएम ने प्रार्थी की याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया था कि प्रार्थी ने अपील पंद्रह दिनों के भीतर दायर नहीं की। हालांकि प्रार्थी ने दलील दी थी की चूंकि अपील दायर करने के लिए कम समय का प्रावधान रखा है फिर भी उसने समय रहते अपील दायर कर दी थी।