अदालत ने रेलवे को कोर्ट की ओर से मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर कड़ी फटकार लगाई है।
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ऊना जिला एवं सत्र न्यायाधीश सीएल कोछड़ की अदालत ने रेलवे को कोर्ट की ओर से मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर कड़ी फटकार लगाई है। इसके साथ ही अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 मई को निर्धारित करते हुए कहा कि यदि अगली सुनवाई में भी रेलवे का यही रवैया रहता है तो रेलवे की संपत्तियों को अटैच करने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
उक्त आदेश बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायधीश सीएल कोछड़ ने चुरुड़ू निवासी किसानों योगराज व रणजीत सिंह और दियाड़ा निवासी रामकिशन, भगतराम व गुरनाम सिंह द्वारा रेलवे के खिलाफ भूमि अधिग्रहण मामले के खिलाफ दायर किए गए केस की सुनवाई करते हुए दिए। इससे पूर्व हुई इस केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रेलवे को 20 अप्रैल तक उक्त किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि अदालत में जमा करवाने के निर्देश दिए थे।
बुधवार को पेशी के दौरान रेलवे की ओर से किसानों की मुआवजा राशि जमा नहीं करवाई गई। रेलवे के अधिवक्ता ने बताया कि इस मामले में हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। उन्होंने बताया कि किसानों को दी जाने वाली मुआवजा राशि हाईकोर्ट में जमा करवा दी गई है। लेकिन रेलवे के वकील इस संदर्भ में कोई दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत नहीं कर पाए।
किसानों के अधिवक्ता अरूण सैणी ने बताया कि किसानों व रेलवे का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने बुधवार की सुनवाई में सख्त कार्रवाई करने के संकेत दिए हैं। अदालत ने कहा है कि 6 मई तक किसानों की मुआवजा राशि के संदर्भ में रेलवे की ओर से बांछित जानकारी अदालत में जमा नहीं करवाई गई, तो रेलवे की संपत्तियां अटैच कर दी जाएंगी।