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गंभीर रूप से अस्वस्थ मरीजों को डीडीयू स्थानांतरित करने की छूट, कोर्ट ने आदेशों में किया आंशिक संशोधन

Thu, 20 Aug 2020 05:07 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हाईकोर्ट हिमाचल
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हाईकोर्ट ने अपने पिछले अंतरिम आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए स्पष्ट किया कि कोरोना के गंभीर रूप से अस्वस्थ मरीजों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला स्थानांतरित करने की छूट दी जाए। फिलहाल पिछला यह आदेश जारी रहेगा। इसके तहत कोर्ट ने कहा था कि सिरमौर और सोलन जिलों के कोरोना संक्रमित मरीजों को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल शिमला के लिए तब तक स्थानांतरित न किया जाए, जब तक इन जिलों के अस्पतालों की क्षमता उक्त रोगियों को भर्ती करने से बाहर नहीं हो जाती। मामले पर सुनवाई एक सितंबर को होगी।

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कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान ऐसे रोगियों को उन्हीं स्थानों पर उनके इलाज के लिए प्राथमिकता देने के आदेश भी जारी किए थे। मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी और न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने यह आदेश इंद्रजीत सिंह की ओर से दायर याचिका पर दिए। इसमें सरकार के 16 जुलाई के आदेश को चुनौती दी गई है। सरकार के इस आदेश के तहत दीनदयाल उपाध्याय जोनुल अस्पताल शिमला को शिमला और किन्नौर के जिलों के अलावा सोलन और सिरमौर जिलों के लिए भी कोविड केयर अस्पताल घोषित किया गया है।

याचिका में आरोप लगाया है कि डीडीयू अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की कमी है और वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्थिति को संभालने के लिए पूरी तरह से सुसज्जित नहीं है। ऐसी स्थिति में सार्वजनिक हित में यह हानिकारक होगा अगर मरीजों को सोलन और सिरमौर से डीडीयू शिमला में स्थानांतरित करने के लिए कहा जाए। कोर्ट ने पाया कि जब डीडीयू अस्पताल शिमला में बुनियादी ढांचा खुद अधूरा है तो यह राज्य सरकार के लिए उचित नहीं होगा कि वह सिरमौर और सोलन से मरीजों को दीनदयाल अस्पताल शिमला के लिए स्थानांतरित करने बाबत प्राथमिकता दे। हालांकि, गंभीर रूप से बीमार मरीजों को शिमला स्थानांतरित करने की छूट दी है।

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