शिमला निवासी अश्विनी कुमार ने जिप्सी खरीदने के लिए एडवांस दिए थे 6.29 लाख
उपभोक्ता आयोग ने ब्याज सहित 45 दिन में पूरी रकम लौटाने के दिए आदेश
जनवरी 2022 का मामला, कंपनी को यह वाहन छह माह में उपलब्ध कराना था वाहन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग शिमला ने भोपाल स्थित वरूम रेस्टोरेशन कंपनी को आदेश दिया है कि वह शिमला निवासी अश्विनी कुमार को 4,89,000 रुपये 45 दिनों के भीतर वापस करे। आयोग ने साथ ही 25,000 रुपये मानसिक पीड़ा और मुकदमेबाजी खर्च के रूप में देने के भी निर्देश दिए हैं।
शहर के कसुम्पटी निवासी शिकायतकर्ता अश्विनी कुमार ने जनवरी 2022 में भोपाल की कंपनी वरूम रेस्टोरेशन (काजी कांप्लेक्स, कर्बला रोड) से एक रीस्टोर/मॉडिफाइड मारुति जिप्सी खरीदने के लिए समझौता किया था। सहमति के अनुसार, शिकायतकर्ता ने कंपनी को कुल 6,29,000 का भुगतान किया। इसमें से 1,00,000 अग्रिम था। कंपनी को यह वाहन छह माह में उपलब्ध कराना था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी न तो वाहन दिया गया और न ही पूरी रकम लौटाई गई। कंपनी ने सिर्फ 1,40,000 वापस किए, जबकि 4,89,000 अब तक बकाया रहे। कई बार आग्रह करने और 16 दिसंबर 2023 को कानूनी नोटिस भेजने के बावजूद कंपनी ने राशि नहीं लौटाई। आयोग ने नोटिस भेजा, जिसे कंपनी ने स्वीकारने से इन्कार कर दिया। इसके बाद 9 जून 2025 को एकपक्षीय कार्यवाही में मामला सुना गया। आयोग ने पाया कि कंपनी ने ग्राहक से पूरा पैसा लेने के बावजूद वाहन न देकर शेष राशि रोक रखी, जो सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह की अध्यक्षता में सुनाए गए इस फैसले में कहा गया है कि विपक्षी पक्ष उपभोक्ता की शेष राशि अपने पास रखने का कोई अधिकार नहीं रखता। इसलिए शिकायतकर्ता को राहत मिलनी चाहिए।