मजिस्ट्रेट एकांश कपिल की अदालत ने सुनाया फैसला, दो लाख मुआवजा देने के आदेश
साल 2022 में गोल्फ लिंक फाइनेंस का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी में सरकारी कर्मी को फाइनेंस कंपनी से एक लाख रुपये एडवांस में लेना महंगा पड़ा। अदालत ने चेक बाउंस मामले में शिमला निवासी जय सिंह ठाकुर को दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दो लाख रुपये की राशि बतौर मुआवजे के तौर पर देनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एकांश कपिल की अदालत ने यह फैसला सुनाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी व्यक्ति सरकारी कर्मचारी है। यह मामला राजधानी शिमला के ढली स्थित गोल्फ लिंक फाइनेंस एंड रिजॉर्ट प्राइवेट लिमिटेड का है। शिकायतकर्ता के अनुसार साल 2017 में आरोपी जय सिंह ठाकुर ने ऋण लेने के लिए संपर्क किया। जिसे 27 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज चुकाने पर सहमति हुई थी, लेकिन आरोपी वित्तीय अनुशासन बनाए रखने में विफल रहा। देनदारी का निर्वहन करने के लिए 19 फरवरी 2022 को फाइनेंस कंपनी के पक्ष में 1,43,500 रुपये का एक चेक जारी किया। लेकिन बैंक ने इसे अनादरित कर दिया। इसके बाद दोषी को राशि के भुगतान करने के लिए कानूनी नोटिस जारी किया। मई 2022 को निर्धारित समय में कर्ज न चुकाने पर शिकायतकर्ता ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था।