हिमाचल में कोरोना से राहत मिली है। प्रदेश का कोई भी जिला अब रेड जोन में नहीं है। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर आए कर्मचारियों को वापस अपने विभागों में भेजने का फैसला लिया है। कोरोना महामारी के चलते बीते चार महीने से शिक्षा और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे थे। अस्पतालों में कोरोना को लेकर आरक्षित किए गए वार्डों में अब अन्य मरीजों को दाखिल किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में रिकवरी रेट भी 98 फीसदी पहुंच गया है, मृत्युदर में भी कमी दर्ज की गई है। जिला लाहौल स्पीति में एक भी कोरोना एक्टिव मरीज नहीं है। किन्नौर और कुल्लू में एक्टिव मरीजों की संख्या पांच से नीचे है। इसी तरह जिला बिलासपुर, सिरमौर, सोलन और ऊना में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 50 से नीचे है जबकि किांगड़ा, चंबा और मंडी में यह आंकड़ा सौ से ज्यादा है।
प्रदेश में इस समय कोरोना एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 400 रह गया है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने धीरे धीरे कर्मचारियों को अपने विभागों में भेजना शुरू किया है। स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने बताया कि कोरोना के मामले भले ही कम हुए हो लेकिन लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने स्कूलों में विद्यार्थियों को लगातार मास्क पहनने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले एक सप्ताह के भीतर हिमाचल में यह आंकड़ा 50 से नीचे आ जाएगा।