इसमें भी कोशिश यह करनी है कि अगर आस-पड़ोस का कोई व्यक्ति दुकान गया हो और जानकारी में हो तो कुछ देर बाद निकला जाए। जारी किए गए सोशल दूरी बनाए रखने की गाइडलाइंस को फॉलो करना होगा। इसके अलावा समय-समय पर जिलों के उपायुक्त जरूरत के अनुसार अनुमति दे सकते हैं। हिमाचल में अब तक 72 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। दो मरीजों के सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं।
हालांकि इन दोनों की फाइनल रिपोर्ट आज पुणे से आएगी। 69 लोगों के सैंपल रिपोर्ट नेगेटिव आई है। कोरोना के प्रकोप को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जयराम सरकार ने मंगलवार से तीन दिन यानी 26 मार्च तक प्रदेश के सरकारी कार्यालय बंद रखने का एलान किया है। इस दौरान सिर्फ इमरजेंसी सेवा वाले कार्यालय और कर्मचारी अपनी सेवाएं देंगे। यह भी निर्देश हैं कि कर्मचारी अपना स्टेशन न छोड़ें। ब्यूरो
सरकार ने सभी नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जरूरत के अनुसार रोटेशन पर कर्मचारियाें को दफ्तर बुलाएं। रोटेशन के दौरान छुट्टी पर रहने वाले कर्मियों का वेतन नहीं काटा जाएगा। इस संबंध में कार्मिक विभाग ने एक आदेश जारी कर दिया है। सरकार के इस आदेश के बाद दो लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के अलावा करीब पांच लाख दैनिक भोगी, पार्टटाइम, अनुबंध और आउटसोर्स कर्मियों को लाभ मिलेगा।
घरों में ही रहेंगे 9 मार्च के बाद विदेश से आए लोग
आदेश के अनुसार नौ मार्च या उसके बाद विदेश से आए सभी लोगों को सख्ती के साथ घरों में ही रहने को कहा है। ऐसे लोगों को जिला सर्विलांस अफसर या 104 पर कॉल कर अपने आने की सूचना दर्ज करानी होगी। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए आज 24 मार्च से प्रदेश में बैंक सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक ही खुलेंगे। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की आपात बैठक में यह फैसला लिया गया। ग्राहकों से मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग का अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील भी की गई है।
बैंकर्स समिति के प्रदेश संयोजक जेएन कश्यप ने बताया कि लॉकडाउन के चलते यह फैसला लेना पड़ा है। बैंकों में 31 मार्च तक तक ग्राहकों की सेवा के लिए बैंक 10 से दो बजे तक ही खुले रहेंगे। पहले शाम चार बजे तक बिजनेस आवर्स थे।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रदेश में किए गए लॉकडाउन को देखते हुए इस सेवा को दो घंटे के लिए घटाया गया है। उन्होंने बताया कि एटीएम सुचारू तौर पर कार्य करेंगे। सरकार के आदेशानुसार बैंकों में स्टाफ की संख्या को 50 फीसदी कम करने का भी राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ने फैसला लिया है।