कोरोना संक्रमण जैसी महामारी में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चूक सामने आई है। रविवार को रिपोर्ट निगेटिव बताकर रोपा गांव के 25 वर्षीय युवक को घर भेज दिया और एक घंटे बाद पॉजिटिव बताकर फिर अस्पताल पहुंचा दिया। यह युवक 20 जून को अबू धाबी से लौटकर संस्थागत क्वारंटीन था। रिपोर्ट निगेटिव बताने के बाद युवक खुद बाइक पर सवार होकर घर पहुंचा था। इसी दौरान नेरचौक मेडिकल कॉलेज अस्पताल से संदेश आ गया कि रिपोर्ट पॉजिटिव है।
अस्पताल की इस लापरवाही से गांव में हड़कंप मच गया। अफसरशाही के हाथ-पांव फूल गए हैं। एसडीएम राहुल चौहान और नागरिक अस्पताल के प्रभारी डॉ. चमन सिंह ठाकुर ने कहा कि सूचना मिलते ही रोपा पहुंचकर युवक को विशेष एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया है। डीसी ऋग्वेद ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। उल्लेखनीय है कि युवक संस्थागत केंद्र से बाइक पर सवार होकर सीधे घर पर ही गया था। इस वजह से कई लोग चपेट में आने से बच गए। मेडिकल कॉलेज नेरचौक की इस लापरवाही से कई सवाल खड़े हो गए हैं।