मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि कोरोना के चलते लोग अस्पताल आने से डर रहे हैं। अब ग्रामीण लोगों को घर-द्वार टेस्ट और अन्य सुविधाएं कराई जाएंगी। मुख्यमंत्री ने रिज मैदान शिमला पर स्वास्थ्य विभाग के जीवन धारा मोबाइल हेल्थ, वेलनेस सेंटर कार्यक्रम के दौरान 10 जिलों के लिए मोबाइल वैन और टीबी मरीजों के लिए 6 वाहनों को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने कहा कि सरकार का यह पहला प्रयास है। इसमें कामयाबी मिलेगी। इस वैन में डॉक्टर, फर्मासिस्ट, नर्स, लैब असिस्टेंट रहेगा।
इसमें कोरोना से लेकर शरीर की स्क्रीनिंग, प्रेग्नेंसी टेस्ट, शुगर, ब्लड से संबंधित सभी टेस्ट किए जाएंगे। कैंसर तक की बीमारी के टेस्ट भी इसमें करवाने की व्यवस्था है। इसमें एक्स-रे की सुविधा होगी। साधारण बीमारी का इलाज मौके पर होगा। गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों को अस्पताल लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ट्यूबर क्लोसिस बीमारी को देखते हुए अन्य लोग संक्रमित न हों, मामलों को पकड़ में लाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ये वाहन रवाना किए हैं। इस दौरान शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सैजल, स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी, डॉ निपुण जिंदल आदि मौजूद रहे।
शादी, अन्य समारोह में कैटरिंग करने वालों के होंगे कोरोना टेस्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि शादी, अन्य समारोह में कैटरिंग करने वालों के भी कोरोना टेस्ट होंगे। अगर मामले बढ़ते हैं तो सरकार कड़े से कड़े कदम उठाने का फैसले लेगी।