हिमाचल में 14 सदस्य टीम घर-घर जाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच करेगी। टीम में एक पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एक पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एक महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, एक मेडिकल अधिकारी पुरुष, एक महिला मेडिकल अधिकारी, एक फार्मासिस्ट, एक एएनएम, एक हेल्थ एजुकेटर, एक आईसीटीसी काउंसलर,एसटीएस, एसटीएलएस, एएमओ और एक आयुर्वेदिक फार्मासिस्ट होंगे। अगर आशा वर्कर उपलब्ध नहीं है, तो उस स्थिति में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को भी यह काम दिया जा सकेगा।
आशा वर्करों को इस काम के लिए प्रतिदिन सौ रुपये मिलेंगे। इसी तरह से गैर वेतन प्राप्त अन्य कर्मचारियों या कार्यकर्ताओं को 100 रुपये प्रतिदिन के दिए जाएंगे। रोजाना एक गांव को कवर करना होगा और कम से कम 30 घरों की निगरानी करेगी। यह टीम गूगल फॉर्म पर परिवार के प्रत्येक सदस्य का विवरण लिखेगी। यह गूगल फॉर्म और पासवर्ड ब्लॉक मेडिकल अधिकारी की ओर से दिए जाएंगे।
यह स्क्रीनिंग टीम सभी परिवारों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देगी। यह तमाम ऐसे संदिग्ध लोगों का ब्योरा एकत्र करेगी, जिन्हें किसी तरह का संक्रमण हो। उनके इलाज में भी मदद करेगी। यह टीम गूगल फॉर्म पर परिवार के प्रत्येक सदस्य का विवरण लिखेगी। यह गूगल फॉर्म और पासवर्ड ब्लॉक मेडिकल अधिकारी की ओर से दिया जाएगा। यह स्क्रीनिंग टीम सभी परिवारों को कोरोना वायरस से निपटने के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देगी। यह तमाम ऐसे संदिग्ध लोगों का ब्योरा एकत्र करेगी, जिन्हें किसी तरह का संक्रमण हो उनके इलाज में भी मदद करेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कोविड-19 के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने के लिए मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य मुख्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा, जिससे अन्य राज्यों में फंसे लोगों के साथ समन्वय स्थापित किया जा सके। उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशासन के सचिव इस नियंत्रण कक्ष के प्रभारी होंगे और यह 24 घंटे काम करेगा। दूसरे राज्यों में फंसे हिमाचल के लोग कंट्रोल रूम के जरिये संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार अन्य राज्यों में फंसे हिमाचल के लोगों तक पहुंचने के लिए सभी प्रयास कर रही है और संबंधित राज्य सरकारों के साथ इस बारे में बात करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल भवन, दिल्ली और चंडीगढ़ में पहले से स्थापित कंट्रोल रूम को और मजबूत बनाया जाएगा ताकि वहां फंसे हिमाचल के लोगों को सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली में नियंत्रण कक्ष पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रशासनिक तंत्र के साथ उचित संपर्क सुनिश्चित करेगा जबकि चंडीगढ़ में नियंत्रण कक्ष प्रशासन के साथ प्रभावी संपर्क सुनिश्चित करेगा।