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हिमाचल में पहले दिन 2499 में से 1536 को ही लगवाया कोरोना का टीका

Sat, 16 Jan 2021 09:55 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश में कोरोना टीकाकरण का आगाज
आईजीएमसी शिमला में चिकित्सा अधीक्षक को लगा पहला टीका
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर आईजीएमसी में रहे मौजूद
प्रदेश भर के 27 सेंटरों में टीकाकरण प्रक्रिया शुरू
करीब 1536 लोगों को लगाया गया कोरोना का टीका 
 
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हिमाचल में कोरोना टीकाकरण। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूरे देश के साथ हिमाचल प्रदेश में भी कोरोना वैक्सीनेशन के पहले चरण का शुभारंभ शनिवार को हुआ। पहले दिन प्रदेश में 27 केंद्रों में 2499 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य था, लेकिन 1536 लोगों ने ही टीका लगवाया, जो कि करीब 61.46 फीसदी रहा। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) अस्पताल शिमला से टीकाकरण का शुभारंभ किया। इसके बाद सीएम ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में टीकाकरण की जानकारी ली। ज्वालामुखी में महामृत्युंजय और गायत्री मंत्र के जाप के बाद टीकाकरण शुरू हुआ।  रविवार को छुट्टी होने के चलते अब सोमवार को सभी 46 सेंटरों में वैक्सीन लगेगी। शनिवार सुबह आईजीएमसी में सबसे पहले एमएस डॉ. जनकराज को वैक्सीन दी गई।

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डीडीयू अस्पताल शिमला में एमएस डॉ. रमेश चौहान, हमीरपुर में डॉ. अभिलाष सूद को पहला टीका लगा। कोविशील्ड वैक्सीन की एक शीशी से 10 लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। शीशी के एक बार खुलने के बाद इसे 4 घंटे के भीतर इस्तेमाल करना होता है। सभी 27 सेंटरों में स्वास्थ्य अधिकारियों समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिन्हें शनिवार को टीका लगा है, उन्हें अब 28 दिन बाद दूसरा टीका लगेगा। इसके लिए बाकायदा उन्हें सूचित कर दिया है। जबकि इन्हें अब 42 दिन तक एहतियात भी बरतनी होगी। उधर, कांगड़ा के टांडा, सिरमौर के पांवटा साहिब अस्पताल) और एमएमयू सोलन) में टीकाकरण के बाद तीन लाभार्थियों में टीका लगाने के बाद चक्कर आना, चिंता और उलटियां और कंपकंपी जैसे लक्षण सामने आए। लेकिन सभी का प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज किया गया। 

यहां देखें लिस्ट

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बता दें हिमाचल में पहले चरण में 41 हजार लोगों को यह वैक्सीन लगाई जानी है। इसमें डॉक्टर, नर्स, आशा वर्कर, स्वास्थ्य विभाग के चालक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रदेश में यह अभियान 2 फरवरी तक चलेगा। 28 दिन बाद स्वास्थ्य कर्मियों को दूसरा टीका लगेगा। इसी बीच फ्रंट वॉरियर्स को यह वैक्सीन लगाई जानी है। इसकी अधिसूचना केंद्र सरकार बाद में जारी करेगी। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य निदेशालय कसुम्पटी (परिमहल) को कंट्रोल रूम बनाया है। सीएमओ, बीएमओ और सेंटर इंचार्ज को हर घंटे रिपोर्ट देने को कहा गया है

लोगों ने कहा- पहले किसी ओर को लगने दें वैक्सीन, टीका लगवा मिसाल बने राजपाल

- फोटो : अमर उजाला
राजधानी स्थित डीडीयू अस्पताल में प्लास्टर असिस्टेंट के पद पर तैनात राजपाल अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं। 61 साल की उम्र में जब टीका लगाने के लिए इन्हें एसएमएस आया तो अन्य लोगों ने इन्हें टीका न लगाने की सलाह दी। कहा कि पहले वह अन्य लोगों को लगने दें। लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारी होने के नाते उन्होंने न केवल वैक्सीनेशन लांचिंग के दिन डीडीयू अस्पताल आकर अपना टीकाकरण करवाया बल्कि लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए। राजपाल ने बताया कि वह टीकाकरण कर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। टीकाकरण के बाद उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ नहीं हुई है। 

उन्होंने कहा कि वह सभी लोगों से आह्वान करते हैं कि वे अपना टीकाकरण करवाएं और इससे न डरें। बता दें कि 19 सितंबर 2020 को कोरोना टेस्ट करवाने के बाद 20 सितंबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। वह 10 दिनों तक आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन पर रहे। इस दौरान उनकी हालत काफी गंभीर थी। लेकिन बेहतर उपचार मिलने और स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें 3 अक्तूबर को अस्पताल से छुट्टी कर दी गई थी।दूसरी ओर आईजीएमसी अस्पताल के एमएस व फोरेंसिक विभाग के चिकित्सक भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं। उन्हें भी शनिवार को वैक्सीन दी गई। 
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हर सेंटर में एंबुलेंस तैनात 

- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश सरकार ने हर सेंटर में एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए हैं। यह इसलिए कि अगर व्यक्ति को प्रतिकूल रिएक्शन होता है तो उसे तुरंत अस्पताल लाया जाएगा। वैक्सीन लगने के बाद व्यक्ति को 45 मिनट तक सेंटर में ही रखा जाएगा। इसके लिए सेंटर में आइसोलेशन वार्ड होगा। 
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