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हिमाचल में कोरोना बंदिशें: शिमला समेत इन जिलों में दुकानों को खोलने का समय तय, अधिसूचनाएं जारी

Tue, 11 Jan 2022 12:01 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/ऊना/कुल्लू/हमीरपुर/मंडी/कांगड़ा/सोलन

सार

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश शिमला समेत विभिन्न जिला प्रशासन ने दुकानों को खोलने का समय तय कर दिया है। इस संबंध में संबंधित डीसी की ओर से अधिसूचनाएं जारी कर दी गई है। 
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शिमला शहर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में शिमला समेत विभिन्न जिला प्रशासन ने दुकानों को खोलने का समय तय कर दिया है। शिमला जिले में दुकानें अब सुबह 10 बजे से शाम सात बजे तक ही खुली रहेंगी। डीसी आदित्य नेगी ने इस बारे में अधिसूचना जारी की है।  डीसी ने बताया कि जिले में दुकानों को खोलने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया गया है। ढाबे रात 10 बजे तक खुले रहेंगे, जबकि राष्ट्रीय राष्ट्रीयराजमार्ग पर स्थित ढाबे सुबह 10 बजे से रात्रि 11 बजे तक खुले रहेंगे। दवा की दुकानों पर किसी तरह की बंदिश नहीं रहेगी। मोटर मेकेनिक एवं टायर रिपेयर की दुकानें भी रात्रि 11 बजे तक खुली रहेंगी। सभी शैक्षणिक संस्थान 26 जनवरी तक बंद रहेंगे। कोविड मानक संचालनों की अनुपालना के साथ नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्थानीय निकायों एवं संस्थाओं में 5 दिन उपस्थिति की व्यवस्था लागू की गई है।

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 कार्यालय में 50 फीसदी कर्मचारी क्रमवार उपस्थित रहेंगे। धार्मिक स्थलों एवं अन्य क्षेत्रों में लंगर, धाम, सामूहिक किचन पर पूर्ण रूप से रोक रहेगी। खेल, शैक्षणिक, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक व राजनीतिक गतिविधियों के लिए इंडोर में 50 फीसदी क्षमता के साथ अधिकतम 100 लोगों की मौजूदगी,  आउटडोर में 50 फ ीसदी क्षमता या अधिकतर 300 लोगों के एकत्र होने की अनुमति रहेगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पूर्व अनुमति स्थानीय प्रशासन से लेनी अनिवार्य होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोविड 19 की तीसरी लहर को देखते हुए विशेष मानक संचालनों की अनुपालना के तहत मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और हाथों को सैनिटाइज करने का आह्वान किया। 

ऊना में पांच दिन शाम साढ़े छह बजे बंद होंगी दुकानें

ऊना जिला प्रशासन ने पाबंदियां बढ़ा दी हैं। जिलाधीश ने आदेश जारी करते हुए सप्ताह के पांच दिन शाम साढ़े छह बजे दुकानें और बाजार बंद करने के आदेश दिए हैं। जबकि, वीकेंड पर बाजार पूरी तरह से बंद रहेगा। हालांकि कुछ दुकानों को इन आदेशों में छूट रहेगी। जिलाधीश की ओर से जारी आदेश के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक सभी दुकानें, बाजार और मॉल रोजाना शाम साढ़े छह बजे के बाद बंद रहेंगे। जबकि, शनिवार व रविवार को बाजार पूरी तरह से बंद रहेंगे। यह आदेश फल-सब्जी की बिक्री, दूध डेयरी उत्पाद की बिक्री के लिए पंजीकृत दुकानों, होटल व दवाई की दुकानों पर लागू नहीं होंगे। यह आदेश मंगलवार सुबह छह बजे से लेकर 24 जनवरी सुबह छह बजे तक लागू रहेंगे। जिला में सभी रेस्तरां व ढाबा रात्रि दस बजे तक बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता पर ही संचालित होंगे। जबकि, अधिकृत शराब ठेके आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित समय के अनुसार ही खुलेंगे। जिलाधीश ने सभी उपमंडल दंडाधिकारी, तहसीलदार, पुलिस व स्थानीय अधिकारियों को इन निर्देशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला ऊना के सभी उपमंडल अधिकारियों को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 60 के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए अधिकृत किया है। 

हमीरपुर जिले दुकानें खुलने का समय

हमीरपुर जिला प्रशासन ने बाजारों और दुकानों के खुलने के लिए समय निर्धारित कर दिया है। जिला में सभी बाजार और दुकानें सुबह 6 से शाम 6 बजे के बीच ही खुली रहेंगी। सभी होटल, रेस्तरां, ढाबे और खाने-पीने की अन्य दुकानें रात 10 बजे तक खुली रखने की अनुमति होगी। रेहड़ी-फड़ी पर खाने की अनुमति नहीं होगी। शनिवार-रविवार को सभी बाजार, शॉपिंग मॉल्स और दुकानें बंद रहेंगी। आवश्यक वस्तुओं की दुकानें जैसे-फल, सब्जी, दुध, दुग्ध उत्पादों की दुकानों पर ये आदेश लागू नहीं होंगे। अधिकृत शराब की दुकानों के संबंध में आबकारी विभाग द्वारा अलग से आदेश जारी किए जाएंगे।

मेडिकल स्टोर, केमिस्ट की दुकानों और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अन्य दुकानों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ढाबों पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में किसी भी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यकता अनुसार कोविड-19 से संबंधित ड्यूटी जैसे-वैक्सीनेशन, सर्विलांस, होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों से मोबाइल पर संपर्क एवं मॉनीटरिंग इत्यादि पर लगाने के लिए अधिकृत होंगे। जिला दंडाधिकारी देबश्वेता बनिक ने आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 34 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किए हैं। जिला दंडाधिकारी ने पुलिस, एसडीएम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारियों, तहसीलदार-नायब तहसीलदार और अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को इन आदेशों की अक्षरश: अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इनका उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा 51-60 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कांगड़ा में शाम 7 बजे तक खुले रहेंगे बाजार, ढाबों को रात 10 बजे तक छूट

कोविड-19 से निपटने के लिए कांगड़ा जिला दंडाधिकारी डॉ. निपुण जिंदल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिले में सभी बाजारों को शाम सात से लेकर सुबह पांच बजे तक बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। ढाबों को रात दस बजे तक खुले रखने की छूट मिली हैं, जबकि मेडिसन की दुकानें 24 घंटे खुली रह सकती हैं। इसके जिला में रविवार को सभी बाजार बंद रखने के भी आदेश जारी किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी संस्थानों, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों, आवासीय विद्यालयों को 26 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए हैं। कोविड प्रोटोकॉल की अनुपालना के साथ नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्थानीय निकाय व स्वायत्त संस्थाओं में फाइव डे वीक की व्यवस्था लागू की गई है। 

इसके अतिरिक्त कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी ही क्रमवार आएंगे, जबकि आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों में ये बंदिशें लागू नहीं होंगी। आदेश के अनुसार लंगर, धाम, सामूहिक किचन पर पूर्णतया रोक रहेगी। खेल, शैक्षणिक, मनोरंजन, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए इंडोर में 50 फीसदी क्षमता के साथ अधिकतम सौ लोगों की मौजूदगी व आउटडोर में क्षमता के 50 फीसदी या अधिकतम 300 लोगों के इकट्ठा होने की अनुमति रहेगी। इन आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के लिए पुलिस अधीक्षक कांगड़ा, सभी उपमंडलाधिकारियों, कार्यकारी दंडाधिकारी, विकास खंड अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है, आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने आदेश जारी किए गए हैं।

कुल्लू: व्यावसायिक प्रतिष्ठान शाम 6:30 बजे तक ही खुले रहेंगे

देश व प्रदेश के साथ जिले में बढ़ते कोरोना व इसके नए ओमिक्रॉन वैरियंट के मामलों पर नियंत्रण पाने के लिए फिर बंदिशें लगनी लगी हैं। इसमें जिले की सभी दुकानें, मंडियां और व्यावसायिक प्रतिष्ठान शाम 6:30 बजे तक ही खुले रहेंगे, जबकि दवाई की दुकानों पर इस प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं होगा। उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 व सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले में कुछ बंदिशें लगाई हैं। जिले के समस्त स्थानों में लंगर, धाम व सार्वजनिक रसोई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सभी रेस्तरां, पब, ढाबे 50 प्रतिशत क्षमता के साथ खुलेंगे।

इसके लिए कोई रोक नहीं होगी। इसके अलावा जिले में रात्रि 10 से सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा, जिसका प्रत्येक व्यक्ति को प्रभावी ढंग से पालन करना होगा। हालांकि आपात और आवश्यक सेवाओं में तैनात वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। आदेश के अनुसार इंडोर व कवर क्षेत्र में क्षमता का 50 प्रतिशत यानि अधिकतम 100 व्यक्तियों जो दोनों में न्यूनतम हो, को एकत्र होने की अनुमति होगी, जबकि खुले स्थानों में 300 लोग एकत्र हो सकेंगे। इस तरह भीड़ में कोविड-19 के नियमों की सख्ती के साथ अनुपालना करनी होगी। 

समारोह के आयोजन के लिए करना होगा पंजीकरण
आयोजकों को समारोह व आयोजन के संबंध में पहले पंजीकरण करवाना होगा। इसके लिए उपमंडलों के एसडीएम मंजूरी देंगे। जिले में प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति इन नियमों व कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार की उल्लंघना करता है तो उसके विरुद्ध आपदा प्रबंधन नियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि जिलाभर में यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी 24 जनवरी तक प्रभावी रहेंगे। सभी दुकानदार व लोग नियमों का सख्ती से पालन करें।

मंडी में धार्मिक, सामाजिक आयोजन के लिए लेनी होगी अनुमति

मंडी जिले में सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों के लिए अब अनुमति लेनी पड़ेगी। शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों के लिए अधिकतम इंडोर में 100 लोग और आउटडोर आयोजनों के लिए अधिकतम 300 लोगों के एकत्र होने की अनुमति रहेगी। प्रत्येक आयोजन के लिए लेकर संबंधित एसडीएम को पूर्व सूचित करना होगा। आयोजन के दौरान कोविड प्राटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। जिले में धार्मिक स्थानों और पूजा स्थलों पर लंगर पर रोक रहेगी। जिलेभर में सामूहिक भोज और धाम पर प्रतिबंध रहेगा। सभी दुकानें और बाजार रात्रि कर्फ्यू के दौरान रात 10 बजे से प्रात: 5 बजे तक बंद रहेंगे। आवश्यक सामान की ढुलाई वाली गाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग की छूट रहेगी। यह आदेश उपायुक्त मंडी अरिंदम चौधरी ने जारी किए हैं। आवश्यकता होने पर जनहित में कोरोना प्रतिबंधों को लेकर और सख्ती की जा सकती है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत पाबंदियों को लेकर आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। 24 जनवरी सुबह 6 बजे तक लागू रहेंगे। आदेश के मुताबिक जिले में सरकारी विभागों, पीएसयू, स्थानीय निकायों, स्वायत्त निकायों के सभी कार्यालय शनिवार और रविवार को बंद रहेंगे। कार्य दिवसों पर 50 प्रतिशत उपस्थिति ही होगी। हालांकि ये बंदिशें स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, बैंक, बिजली, पानी और स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन, दूरसंचार, उत्पाद शुल्क, बजट और संबंधित सेवाओं, गतिविधियों आदि से निपटने वाले कार्यालयों पर लागू नहीं होंगी।
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सोलन जिले में शाम छह बजे तक ही खुलेंगी दुकानें

कोविड से निपटने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को उपायुक्त सोलन कृतिका कुलहरी ने शाम छह बजे से सुबह सात बजे तक दुकानें बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। इसमें ढाबों को रात 10 बजे तक खुला रखा जा सकेगा जबकि मेडिसन की दुकानें 24 घंटे खुली रह सकती हैं। इसके अलावा वीकेंड पर सभी बाजार बंद रखने के भी आदेश जारी किए गए हैं। जिला के सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी संस्थानों, आईटीआई, कोचिंग संस्थानों, आवासीय विद्यालयों को 26 जनवरी तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।

कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ नर्सिंग और मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग, स्थानीय निकायों और स्वायत्त संस्थाओं में फाइव-डे वीक की व्यवस्था भी लागू की गई है। इसके अतिरिक्त कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी ही क्रमवार आएंगे जबकि आवश्यक सेवाओं से संबंधित विभागों पर ये बंदिशें लागू नहीं होंगी। आदेशों के अनुसार लंगर, धाम, सामूहिक किचन पर पूर्णतया रोक रहेगी।
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