पहले हर महीने 30 शवों का होता था दाह संस्कार, अब 20 दिन में ही सौ से ज्यादा मौतें
मार्च में 6, अप्रैल में 58, मई में अब तक 137 कोरोना पीड़ितों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा अब डराने लगा है। राजधानी के जिस कनलोग श्मशानघाट पर पहले हर महीने औसतन 30 शवों का दाह संस्कार होता था, वहां अब 20 दिन में ही 139 शव जलाए जा चुके हैं।
इन 139 शवों में 137 शव अकेले कोरोना पीड़ितों के हैं। यह आंकड़ा पहली से 20 मई तक का है। शहर के अस्पतालों में रोजाना दस से 12 लोगों की कोरोना से मौत हो रही है। मई में मृतकों का आंकड़ा दो सौ से पार हो सकता है। कनलोग श्मशानघाट के इतिहास में यह पहला मौका है जब एक ही महीने में ही सौ से ज्यादा शवों का दाह संस्कार किया गया है। इससे पहले किसी आपदा या महामारी के समय भी यहां इतने शव नहीं पहुंचे थे। कनलोग श्मशानघाट की व्यवस्था का संचालन कर रही सूद सभा का कहना है कि दो महीने के भीतर शवों की संख्या इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दाह संस्कार के लिए पांच की जगह दस शेल्टर भी कम पड़ गए हैं। इससे पहले आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ। रोजाना 60 से 80 क्विंटल लकड़ी दाह संस्कार के लिए इस्तेमाल हो रही है।
मार्च में छह तो मई में 20 दिन में ही 137 मौतें
राजधानी के आईजीएमसी अस्पताल और डीडीयू अस्पताल में कोरोना मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यहां शहर के अलावा प्रदेश भर से आए मरीजों का उपचार होता है। सूद सभा के अनुसार फरवरी में 18 शवों का कनलोग में दाह संस्कार हुआ। इसमें एक कोरोना पीड़ित भी शामिल था। मार्च में छह कोरोना पीड़ितों समेत 26 जबकि अप्रैल में 58 कोरोना पीड़ितों समेत 67 शवों का कनलोग में दाह संस्कार किया गया। अब मई के 20 दिन में ही 139 शव जलाए जा चुके हैं। इसमें 137 कोरोना पीड़ित हैं। यह पीड़ित शिमला के अलावा बाकी जिलों के भी हैं। सूद सभा के कार्यकारी सदस्य एवं कनलोग प्रभारी संदीप सूद का कहना है कि जो लोग लकड़ी के लिए पैसे नहीं दे पाते, उनके लिए सूद सभा मुफ्त लकड़ी देती है।
कितना बढ़ गया मृतकों का आंकड़ा
महीना साल 2020 साल 2021
मार्च 31 (0) 26 (6 कोरोना पीड़ित)
अप्रैल 23 (0) 67 (58 कोरोना पीड़ित)
मई 23 (2 कोरोना पीड़ित) 139 (137 कोरोना पीड़ित, 20 मई तक)