डिग्री और मेडल पाकर खिले आईआईटी के मेधावियों के चेहरे
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उत्साह, उमंग और बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ आईआईटी मंडी के दसवें दीक्षांत समारोह में 462 होनहारों ने डिग्रियां हासिल कीं। पीयूष गोयल ने बीटेक कंप्यूटर साइंस, भुमन्यु गोयल ने डायरेक्टर्स, सौम्य रंजन ने एमटेक में गोल्ड मेडल हासिल किया। डिग्री पाने वालों में 348 छात्र और 114 छात्राएं रहीं। इस सत्र में संस्थान ने 64 पीएचडी डिग्री प्रदान की, जो एक शैक्षणिक वर्ष में आईआईटी मंडी के लिए अब तक की सर्वाधिक संख्या है। एमएस में 29, एमटैक में 76, एमएससी में 95, एमए में 10, बीटेक में 188 डिग्रियां प्रदान की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एरिजोना विश्वविद्यालय यूएसए के प्रो. स्टुअर्ट आर. हैमरॉफ रहे। विशेष अतिथि के रूप में सचिव, विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एसईआरबी) डॉ. अखिलेश गुप्ता कार्यक्रम का हिस्सा बने। समारोह की अध्यक्षता चेयरमैन, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स आईआईटी प्रो. प्रेम व्रत ने की। आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मेंद्र बेहरा ने कहा कि फ्रेशर्स के लिए एक अनिवार्य कोर्स डिजाइन किया है। जिसमें आईआईटी शिक्षा से जुड़े हर पहलू को शामिल किया गया है। युवाओं को फेब्रिकेशन, थ्रीडी, केमिकल, रोबोटिक्स आदि का बेसिक करवाया जाएगा। इसके लिए 100 लेक्चर तैयार किए हैं। उन्होंने आईआईटी की उपलब्धियां गिनाईं और डिग्री हासिल करने वालों को शुभकामनाएं दी।
कोरिया से आए मेहमान ने हिंदी में किया संबोधित
एक और आईआईटी के भारतीय विद्वानों ने जहां अंग्रेजी में अपने भाषण की शुरुआत की तो दूसरी ओर कोरिया से आए गेस्ट ऑफ ऑनर वूचेन चांग डायरेक्टर कोइका इंडिया ने हिंदी में संबोधित कर चौंका दिया। उन्होंने कहा की नमस्कार मैं वुचेन चांग आप सभी का स्वागत करता हूं। गर्व महसूस कर रहा हूं इस कार्यक्रम का हिस्सा बना। जनवरी 2022 में ही भारत आया हूं और समृद्ध हिंदी भाषा सीख रहा हूं। हालांकि, अपनी हिंदी में मुझे भी हंसी आ रही है। लेकिन मैं कोशिश कर रहा हूं। इतना सुनते मंच पर बैठे विद्वान हैरत में दिखे।
......नए दौर में पहुंच गए हम
बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के रजत पदक विजेता आशीष आनंद ने धन्यवाद भाषण में कहा कि आईआईटी मंडी में प्रवेश के बाद हम जिंदगी के नए दौर में पहुंच गए। चार साल के इस दौर में लेक्चर, लैब, असाइनमेंट, क्विज और अंत सेमेस्टर की परीक्षाएं और इंटर कॉलेज जैसे कार्यक्रम होते रहे।
गोल्ड मेडलिस्ट क्या बोले
सौम्या रंजन नायक ने कहा कि प्लेसमेंट के लिए अभी आईआईटी मंडी को और प्रयास की जरूरत है। यहां अधिक से अधिक और बड़ी कंपनियां आनी चाहिए। वह ओडिशा से संबंध रखते हैं। अभी वह प्रतिमाह एनपीएस कंपनी बंगलूरू में 25 लाख रुपये कमा रहे हैं। भुमन्यू गोयल ने कहा कि मेहनत और लगन से ही मंजिल पाई जा सकती है। आईआईटी मंडी में तमाम सुविधाएं हैं। बंगलूरू में वह 45 लाख रुपये के मासिक पैकेज पर हैं। वह राजस्थान जयपुर के रहने वाले हैं।