अस्थायी शिविर हटाने को लेकर बढ़ा विवाद
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मेला मैदान से दशहरा में बिना निमंत्रण आए 12 देवी-देवताओं के अस्थायी शिविर हटाए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को प्रकरण को लेकर नाराज देवलुओं ने जिला पुस्तकालय और उपायुक्त कार्यालय के बाहर हंगामा कर दिया। इतना ही नहीं नाराज देवलुओं ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। देवलुओं ने डीसी कुल्लू के मुर्दाबाद तक के नारे भी लगाए। मामले को लेकर बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी और तहसीलदार कुल्लू के बीच खूब गहमागहमी हुई। उन्होंने तहसीलदार के खिलाफ विधानसभा में विशेष अधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की बात कही। वहीं देवलुओं की नाराजगी को देखते पुलिस को मौके पर आना पड़ा। काफी देर तक माहौल तनातनी वाला बना रहा।
गौरतलब है कि प्रशासन ने सोमवार को बिना निमंत्रण आए 9 देवताओं के शिविर हटाकर उन्हें दूसरी जगह दी थी। लेकिन देवलुओं ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि वे दशहरा में अपने देवताओं के साथ आए हैं। उनके साथ इस तरह का व्यवहार बिल्कुल सही नहीं है। दशहरा में देवी-देवताओं के बैठने को लेकर पहली बार इस तरह का विवाद हुआ है। विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि देवी-देवताओं के साथ 100 किलोमीटर दूर से देवलू भी आए हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
जब आपदा आई तो इन्हीं देवताओं ने सरकार को पैसे दिए थे। पिछले साल प्रशासन ने इन्हीं देवताओं को टैंट दिए थे। चार सालों से देवता आ रहे हैं। इस समस्या का समाधान पहले ही निकालना चाहिए था। दशहरा सभी का है। दशहरा में आने के लिए प्रशासन की ओर से यह कहा गया था कि बिना निमंत्रण के भी देवता आ सकते हैं। नया रूप में दशहरा मनाया जा रहा है लेकिन देवताओं को अपमानित किया जा रहा है। देवताओं का सम्मान होना चाहिए। उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने कहा कि देवलुओं ने अपनी समस्या बताई है। जल्द ही इसका समाधान किया जाएगा।