जिस समय पंजीकरण बंद किया गया उस समय कई ऐसे आवेदक भी रोक दिए गए जो दूसरे राज्यों से आए थे और उन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण करवा रखा था। राजस्थान और उत्तरप्रदेश से आए आवेदकों ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन फीस भरी है। इसके बावजूद यहां पहुंचने पर दोबारा से फार्म भरने को कहा जा रहा है।
सेमिनार की आयोजक एग्रो एनवायर्नमेंटल डेवलपमेंट सोसायटी के संगठन सचिव छत्रपाल सिंह ने बताया कि संस्था ने करीब पांच सौ वैज्ञानिकों और प्रशिक्षुओं के लिए सेमिनार में प्रबंध किया था। संस्था सिर्फ उन्हें ही मान्यता देगी जिन्होंने बीस सितंबर से पूर्व ऑनलाइन पंजीकरण करवाया होगा।