फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla: फर्जी वर्क डन सर्टिफिकेट बना ठेकेदार ने ले लिया 11 करोड़ का काम, टेंडर रद्द

Tue, 04 Feb 2025 11:44 AM IST
Krishan Singh धर्मेंद्र पंडित, शिमला

सार

शिमला में करीब 11 करोड़ से डूमी-कड़ेची सड़क का निर्माण होना है, इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर निकाले थे।
विज्ञापन
सड़क निर्माण मामला। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सड़क का टेंडर लेने के लिए एक ठेकेदार पर वर्क डन सर्टिफिकेट में हेराफेरी करने का आरोप है। शिमला में करीब 11 करोड़ से डूमी-कड़ेची सड़क का निर्माण होना है, इसके लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर निकाले थे। इसमें 7 ठेकेदारों ने 10 किलोमीटर इस सड़क निर्माण के लिए आवेदन किया। टेक्निकल बिड खुलने पर पता चला कि टेंडर लेने के लिए ठेकेदार ने वर्क डन सर्टिफिकेट में ही हेराफेरी कर दी, ताकि वह निविदा से बाहर न हो। वहीं, एक ठेकेदार ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के ध्यान में यह मामला लाया।

विज्ञापन

इसके बाद अधीक्षण अभियंता ने मामले में संज्ञान लेते हुए ठेकेदार को टेंडर से बाहर कर दिया। अब इसके नए सिरे से टेंडर होंगे। अधीक्षण अभियंता ने इंजीनियर इन चीफ को इस बारे पत्र लिखकर दोबारा से टेंडर करने को कहा है। जानकारी के मुताबिक यह टेंडर करीब 11 करोड़ रुपये का था। इसमें डंगे, कटिंग कलवर्ट और पुल का भी निर्माण किया जाना था। इस काम के लिए ठेकेदार को एक तिहाई काम करना अनिवार्य होता है। पहले टेंडर की टेक्निकल बीड खुलती है। इसमें दस्तावेजों की जांच की जाती है। उसके बाद फाइनेंशियल बीड को खोला जाता है। जिसका रेट कम होता है, उसे टेंडर दिया जाता है।

इधर, इस मामले को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता दीपक राज ने बताया कि मामला सामने आने के बाद ठेकेदार से पूछताछ की गई। उन्होंने स्वीकारा है कि उनके कार्यालय के ही व्यक्ति से यह गलती हुई है। उन्होंने कहा कि जिस समय दस्तावेज जमा कराए गए। वह किसी काम के चलते बाहर थे। इधर, ठेकेदार ने बताया कि उनके व्यक्ति से यह गलती हुई है। लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता के पास जाकर गलती को स्वीकारा गया है।

लोक निर्माण विभाग के सचिव, ईएनसी से की शिकायत
ठेकेदार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कुमार बिज ने कहा कि टेंडर लेने के लिए ठेकेदार ने वर्क डन सर्टिफिकेट में गड़बड़ी की है। इसकी शिकायत अधीक्षण अभियंता से की गई है। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के सचिव और इंजीनियर इन चीफ को भी इस बारे शिकायत पत्र दिया गया है।
विज्ञापन

ठेकेदार पर ऐसे लगे गड़बड़झाला करने के आरोप
आरोप है कि ठेकेदार ने टेंडर में भाग लेने के लिए वर्क डन सर्टिफिकेट में राशि में गड़बड़ी कर दी। ताकि वह इस टेंडर में भाग ले सके। टेंडर की शर्त के मुताबिक टेंडर में भाग लेने के लिए ठेकेदार को कुल राशि का एक तिहाई काम पहले किया होना अनिवार्य था। अब मामले की जांच के बाद टेंडर को रद्द कर दिया गया है। इस काम के लिए अब फिर से टेंडर करवाए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें