आईआईटी मंडी कमांद में गोलीकांड के आरोपी ठेकेदार राजीव शर्मा को प्रदेश हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका में कोई राहत नहीं मिली। ठेकेदार ने हाईकोर्ट के समक्ष अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। इसे ठेकेदार ने हाईकोर्ट से वापस ले लिया है।
ठेकेदार पर आरोप है कि उसने पंजाब से गुंडे लाकर मजदूरों के आंदोलन को रोकने के लिए कथित तौर पर गोलियां चलवाई थीं। जवाबी कार्रवाई में चार की मौत हो गई थी। प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले ही कड़ा संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से भी तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
25 दिन बाद पहली गिरफ्तारी
आईआईटी मंडी कमांद में गोलीकांड के मामले में ठेकेदार राजीव शर्मा को जिला पुलिस ने मंगलवार को शिमला में हाईकोर्ट के बाहर गिरफ्तार कर लिया। गोलीकांड के 25 दिन बाद यह पहली गिरफ्तारी है। पुलिस अधीक्षक मंडी प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि अब पूछताछ के लिए पंजाब के घायल बाउंसरों को भी लाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि गोलीकांड के बाद एसआईटी ने ठेकेदार की धरपकड़ के लिए जगह-जगह दबिश दी।
लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए ठेकेदार ठिकाने बदलता रहा। इसी बीच ठेकेदार ने अंतरिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने ठेकेदार को 13 जुलाई तक जमानत दी। साथ ही पुलिस जांच में सहयोग करने के आदेश भी दिए। गत नौ जुलाई को ठेकेदार मंडी पहुंचकर एसआईटी के समक्ष पेश हुआ। पुलिस ने इसके बयान दर्ज किए। मंगलवार को अंतरिम जमानत की याचिका रद्द होने के बाद ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया।
कोर्ट ने गोलीकांड पर ये जवाब मांगे हैं सरकार से
•पूछा, कथित गुंडों को हथियार और बंदूकों का लाइसेंस किसने दिया?
•प्रदेश भर में कितने लोगों को इस तरह के परमिट जारी किए गए हैं?
•ऐसे लोग किसकी इजाजत से हथियारों को लेकर पूरे प्रदेश में घूम रहे हैं?
•दुकानदार, मिल मालिक, ठेकेदार गुंडों का इस्तेमाल किसकी इजाजत से कर रहे?
•स्पष्ट करें, डीसी और एसपी मंडी ने ठेकेदार के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं?