हिमाचल प्रदेश में पेंशन के लिए कर्मचारियों के अनुबंध सेवाकाल की भी गणना होगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने यह प्रावधान कर दिया है। वित्त विभाग ने 16 फरवरी को जारी उस निर्देश को वापस ले लिया, जिसमें अनुबंध सेवाकाल को पेंशन लाभ के लिए नहीं गिनने की बात कही थी।
हिमाचल प्रदेश में पेंशन के लिए कर्मचारियों के अनुबंध सेवाकाल की भी गणना होगी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार ने यह प्रावधान कर दिया है। वित्त विभाग ने 16 फरवरी को जारी उस निर्देश को वापस ले लिया, जिसमें अनुबंध सेवाकाल को पेंशन लाभ के लिए नहीं गिनने की बात कही थी। इस निर्देश में अदालत के आदेश की ठीक से व्याख्या नहीं हो पाई थी। नए निर्देश के बाद हजारों कर्मियों को राहत मिलेगी।
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सरकार के वित्त विभाग की पेंशन शाखा की ओर से शनिवार को जारी आदेश के अनुसार 16 फरवरी के निर्देश तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं। इसमें सरकार ने स्पष्ट किया था कि सरकारी कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 की धारा 6 के तहत, पेंशन और अन्य सेवा जैसे वरिष्ठता, वेतन वृद्धि, पदोन्नति लाभ केवल नियमित नियुक्ति की तिथि से ही देय होंगे। अब इस निर्देश को वापस लेने के बाद अनुबंध आधार पर की गई सेवा अवधि को भी पेंशन के लिए गिना जाएगा।
पहले निर्देश के अनुसार, सरकार के अधिनियम में प्रावधान रहा है कि जिनकी सेवाएं 12 दिसंबर 2003 के बाद नियमित हुई हैं, उन्हें केवल नियमितीकरण की तिथि से ही ये लाभ देने की व्यवस्था की गई है। किसी को अनुबंध अवधि के आधार पर लाभ दिए तो उन्हें वापस ले सकता है। वे कर्मचारी जो 12 दिसंबर 2003 से पहले अनुबंध पर थे और इसी तारीख से पहले नियमित हो गए, वे पुराने निर्देशों में आएंगे। यानी उन्हें पेंशन का प्रावधान उचित माना गया।