सरकारी विभागों के सभी अनुबंध कर्मचारियों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मुफ्त इलाज से फिलहाल वंचित रहना पड़ेगा। बीते जून से करीब 40 हजार अनुबंध कर्मचारियों को यह लाभ मिलना था।
मगर अभी तक शिक्षा विभाग को छोड़कर किसी भी विभाग ने अनुबंध कर्मचारियों की सूची प्रदेश आरएसबीवाई सोसाइटी को नहीं दी है। हालांकि कार्ड बनाने की अंतिम तिथि 30 नवंबर तक बढ़ा दी है लेकिन डाटा कलेक्शन की लंबी प्रक्रिया को देखते हुए अब कार्ड बनाने वाली संस्था ने इन सूचियों को 22 सितंबर तक मांगा है।
अगर यह डाटा निर्धारित तिथि तक नहीं मिला तो महज उन्हीं अनुबंध कर्मचारियों के स्मार्ट कार्ड बनेंगे जिनका ब्योरा केंद्रीय संस्था के पास पहुंचा हो।
कार्डधारक को मिलता है फायदा
स्वास्थ्य कार्ड के तहत साधारण बीमारी में 30 हजार रुपये और गंभीर बीमारी में 1.75 हजार रुपये तक का स्वास्थ्य लाभ लाभार्थी ले सकता है। नई योजना के तहत ओपीडी में स्मार्ट कार्ड चलेगा।
अनुबंध कर्मचारियों को सरकारी और निजी अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ लेने के लिए स्मार्ट कार्ड बनाना होगा। पहले ये कार्ड बीपीएल और मनरेगा में काम करने वालों को मिलता था।
लेकिन बजट सत्र के दौरान प्रदेश सरकार ने अनुबंध कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया। स्मार्ट कार्ड बनाने का शुल्क 275 रुपये प्रति परिवार है जो प्रदेश सरकार देगी। अनुबंध कर्मचारियों के स्मार्ट कार्ड बनाने वाला हिमाचल पहला राज्य है।
40 हजार कार्ड बनेंगे
प्रधान सचिव स्वास्थ्य पीसी धीमान ने बताया कि नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर अनुबंध कर्मियों के लिए भी नवंबर तक डेट बढ़ा दी जाएगी जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
फिलहाल विभाग जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएगा तब तक हजारों कर्मचारियों को इस सुविधा से वंचित रहना होगा। कर्मचारी निराश है कि वे अभी तक इस सुविधा का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
आरएसबीवाई के प्रदेश सलाहकार देवेंद्र सिंह ने डाटा न मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि लगभग 40 हजार अनुबंध कर्मचारियों के स्मार्ट कार्ड बनाने का अनुमान है। 22 सितंबर तक डाटा एकत्र किया जाएगा।