संतुलित आहार लें और व्यक्तिगत स्वच्छता का रखें ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। महिलाओं और छात्राओं को स्वस्थ मासिक धर्म के लिए फाइबर युक्त भोजन का सेवन करना सबसे जरूरी है। इन दिनों में कम नमक और कम शुगर का सेवन करना चाहिए। छात्राओं को अपने कानूनी अधिकार भी पता होने चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर इनकी मदद ली जा सके।
यह बात राजधानी के आर्य समाज स्कूल लोअर बाजार में शनिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वाति ने कही।
अधिवक्ता एवं महिला वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी भावना कौशल छात्राओं को उनके कानूनी अधिकार बताए। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. स्वाति ने छात्राओं को किशोरावस्था के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक परिवर्तनों, संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि
यदि छात्राएं छोटी-छोटी स्वास्थ्य संबंधी आदतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। यदि इन दिनों छात्राओं को पेट में ज्यादा दर्द हो तो पानी में अजवाइन, गुड़ और दालचीनी को उबालकर पी लें। उन्होंने दर्द की दवाइयां खाने से बचने की सलाह दी। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या पर संकोच करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
महिला अधिकारों और कानून की जानकारी होना जरूरी
अधिवक्ता एवं महिला वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी भावना कौशल ने छात्राओं को महिला अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और सरकारी सहायता सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए विभिन्न कानून और संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं जिनका लाभ जरूरत पड़ने पर लिया जा सकता है। किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, भेदभाव या हिंसा की स्थिति में चुप रहने के बजाय परिवार, शिक्षकों या संबंधित संस्थाओं से तुरंत संपर्क करें। चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकते हैं।
फायदेमंद है कार्यक्रम : उप प्रधानाचार्य
अपराजिता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को न केवल मासिक स्वच्छता बल्कि महिला सुरक्षा अधिकार, आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित किया है। यह कार्यक्रम छात्राओं के लिए बेहद उपयोगी और ज्ञानवर्धक साबित हुआ।
-अनुपम, उप प्रधानाचार्य
छात्राओं की परिचर्चा
कार्यक्रम के माध्यम से हमें पता चला कि स्वस्थ रहने के लिए पोषणयुक्त आहार सबसे जरूरी होता है। वहीं इसके अलावा हमें आयुर्वेद में बताए नियमित आहार के बारे में भी जानकारी मिली।
-रीत, दसवीं कक्षा
-
महिलाओं को मासिक धर्म में बरतने वाली स्वच्छता के बारे में पता नहीं होता है जिससे वह गंभीर बीमारियों से ग्रसित हो जाती है। इस कार्यक्रम में अच्छी और नई जानकारी मिली।
-अंजली, दसवीं कक्षा
-
अपराजिता कार्यक्रम में बहुत से ऐसे महिला अधिकारों के बारे में जानकारी मिली जिनके बारे में उन्हें पता तक नहीं था। वहीं महिला हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में भी पता चला।
-जागृति, नौवीं कक्षा
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बनाए विभिन्न कानूनों के बारे में जानकारी मिली। ऐसे कार्यक्रम स्कूल में समय-समय पर होते रहने चाहिए।
-खुशी, नौवीं कक्षा