अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अब कभी भी स्थानांतरण कर पाना संभव नहीं होगा। स्थानांतरण की मंजूरी के लिए राज्य में एक अलग से बोर्ड का गठन किया जाएगा।
कार्मिक विभाग की ओर से तैयार की गई नई नीति को शनिवार को कैबिनेट की बैठक में मजूरी दे दी गई। इससे प्रदेश के सैकड़ों अफसरों को सीधे तौर पर लाभ होगा। दो साल के पहले किसी भी अधिकारी का तबादला न हो।
इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से सभी राज्यों को अलग से नीति बनाने का निर्देश दिया था। इसी के बाद राज्य सरकार की ओर से स्थानांतरण को लेकर नई नीति बनाई गई गई है, जिसे कैबिनेट ने शनिवार को एक मत से पास कर दिया।