प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी), जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी (बीसीसी) के बीच समन्वय बनाने का जिम्मा स्थायी सचिवों को सौंपा गया है। लेकिन यह सचिव मानदेय पर कार्य करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष की मानें तो इन सचिवों को मानदेय के तौर पर एक निश्चित धनराशि दी जाएगी। यह राशि कितनी होगी, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है।
बीते शुक्रवार को पहली बार शिमला से बाहर हमीरपुर में हुई हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कार्यसमिति (एचपीसीडब्लूसी) की बैठक में 17 संगठनात्मक जिलों में स्थायी सचिवों की नियुक्ति का फैसला किया गया है। कांग्रेस पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मुताबिक 2017 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को मजबूती देने में यह कदम अहम साबित होगा।
कमेटियों के बीच किसी भी तरह के विवाद की स्थिति में स्थायी सचिव की जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण होगी। वह संबंधित पक्षों को सुनने के बाद इन्हें दूर करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। साथ ही हाईकमान के निर्देशों का भी एकरूपता से पालन संभव होगा।