हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आक्रामक तेवरों से हमला बोलने की रणनीति बनाई है। नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में रविवार शाम 7:30 बजे विलीज पार्क स्थितनवनिर्मित सर्किट हाउस में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला भी शामिल हुए। कोविड काल में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, प्राकृतिक आपदा से क्षति, बेरोजगारी और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर सरकार पर हमला बोलने की रणनीति बनाई गई है। इसके अलावा कोरोना की दूसरी लहर में सरकार की विफलता, बरसात के मौसम में प्रदेश में जानमाल के नुकसान को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी है। इस बैठक में कांग्रेस के सभी विधायक शामिल हुए।
परमार ने की सहयोग की अपील
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों से सत्र के संचालन में रचनात्मक सहयोग देने की अपील की। बैठक के दौरान दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और पूर्व मुख्य सचेतक एवं विधायक नरेंद्र बरागटा की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंस राज, मुख्य सचेतक हिमाचल प्रदेश सरकार बिक्रम सिंह जरयाल, उप मुख्य सचेतक हिमाचल प्रदेश सरकार कमलेश कुमारी और सीपीआईएम के नेता एवं विधायक राकेश सिंघा मौजूद रहे।
नियमों के अनुसार अपनी बात रखे विपक्ष, सरकार जवाब देगी : भारद्वाज
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि सरकार चाहती है कि यह सत्र ठीक तरह से चले। इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में सदन को सुचारु रूप से चलाने की रणनीति बनाई गई। भारद्वाज ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है और विपक्ष यदि कोई बात रखना चाहता है तो नियमों के अनुसार रख सकता है। इसका सरकार जवाब देगी और यही स्वस्थ लोकतंत्र है।