सुधीर शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से जवाब मांगा कि भ्रष्टाचार के लगे इन आरोपों पर वह चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह भ्रष्टाचार का ही नतीजा है कि पिछले डेढ़ वर्षों में कई दवाइयों के सैंपल फेल हुए हैं पर आज तक एक भी कंपनी को ब्लैक लिस्ट नहीं किया गया है।
उन्होंने सीमेंट कंपनी के साथ सांठगांठ का आरोप जड़ते हुए कहा कि पंजाब में सीमेंट की जो बोरी 290 रुपये में बिक रही है, वही हिमाचल में 390 रुपये में लोगों को मिल रही है जबकि प्रदेश में ही सीमेंट के कारखाने हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं हुई तो शहरी कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।