प्रदेश कांग्रेस में वर्चस्व की लड़ाई के माहौल में प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री पद के चेहरे से लेकर टिकटों पर फैसला हाईकमान की मुहर से ही होगा। बचत भवन चंबा में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुखातिब शिंदे ने कहा कि वे पहले भी हिमाचल का प्रभार देख चुके हैं।
वर्ष 1993 में वीरभद्र सिंह व सुखराम के बीच मुख्यमंत्री पद की होड़ लगी थी। उस दौरान भी उन्होंने ही दोनों के बीच सुलह करवाई थी। छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह की कांग्रेस पार्टी को चिंता है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी ही करेंगे।
उन्होंने कहा तीसा में भी टिकट के लिए तीन लोगों ने शक्ति प्रदर्शन किया है। इसकी रिपोर्ट पार्टी हाई कमान को दी जाएगी। शिंदे ने कहा भाजपा सत्ता में आने पर कांग्रेस के लोगों को तंग करती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर भी केस बना दिया है। एकजुट होकर हमें भाजपा का मुकाबला करना होगा।