हिमाचल में ब्लू व्हेल गेम के जाल में स्कूली बच्चे के फंसने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। सोलन के एक निजी स्कूल के पकड़े गए छठी कक्षा के छात्र ने खुलासा किया है कि उसके चार और साथी ब्लू व्हेल के टास्क पूरा करने में जुटे हैं।
वे अलग -अलग एडवांस स्टेज में खेल रहे हैं। उसने बताया कि वह एक सप्ताह से ही गेम खेल रहा था। उसे बाजू पर ब्लेड से गोदकर व्हेल बनाने का पहला टास्क मिला था। इसका फोटो ऑनलाइन अपलोड करना था, लेकिन इससे पहले ही परिजनों ने उसे पकड़ लिया।
ये सभी बच्चे एक ही स्कूल के बताए जा रहे हैं और दोस्त हैं। सभी एक साथ साइबर कैफे या दोस्तों के मोबाइल पर गेम खेलते थे। इस मामले में अभी तक पकड़े गए बच्चे के अभिभावकों ने पुलिस में शिकायत तक दर्ज नहीं करवाई है।
पुलिस सुस्त, शिकायत का कर रही इंतजार
पुलिस भी खुद कुछ करने के बजाय शिकायत आने का इंतजार कर रही है। जो चार बच्चे एडवांस स्टेज में टॉस्क पूरा करने में जुटे हैं 24 घंटे बाद भी उनकी खोजबीन शुरू नहीं हो पाई है। हो सकता है कि और बच्चे भी ब्लू व्हेल के जाल में फंसे हों।
उधर, स्कूल प्रबंधन ने तो सीधे ही पल्ला झाड़ लिया है। उसका कहना है कि पकड़ा गया बच्चा उनके स्कूल का है ही नहीं, जबकि बच्चा खुद स्कूल का नाम ले रहा है। एसपी सोलन मोहित चावला का कहना है कि इस मामले में अभी तक उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
ऐसे में सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। स्कूल प्रबंधन और अभिभावक चाहें तो पुलिस का साइबर सेल स्कूल में जाकर इस बारे में बच्चों को जागरूक कर सकता है। जल्द ही साइबर कैफे का मुआयना किया जाएगा। अभिभावक भी सचेत रहें।
दोस्त ने सिखाया था टास्क पूरा करना
ब्लू व्हेल के शिकंजे में फंसे छात्र ने बताया कि जब वह पहली बार अपने दोस्तों के साथ साइबर कैफे गया तो एक बच्चे ने उसे व्लू व्हेल के बारे में बताया। यहीं बैठकर उसने इस गेम को खेलना शुरू किया।
उसके अनुसार क्षेत्र का एक और बच्चा इस गेम की एडवांस स्टेज तक पहुंच चुका है। उसके घर वालों को इसकी कोई जानकारी नहीं है। गेम में उसे टास्क मिला था जिसमें ब्लेड से बाजू पर आकृति बनानी थी। उसने बताया कि उसके तीन अन्य दोस्त भी गेम खेल रहे हैं।
टास्क छोड़ना चाहा तो मिलीं जान से मारने की धमकियां
पकड़े बच्चे ने खुलासा किया कि व्लू व्हेल गेम में एक बार शामिल होने पर इसके आयोजकों तक पूरी जानकारी पहुंच जाती है। टास्क छोड़ने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। बच्चे के अनुसार उसके साथी टास्क छोड़ना चाहते हैं
लेकिन उन्हें या उनके परिवार के सदस्यों को जान से मारने की धमकियां मिलीं। इस वजह से वे डर गए और इस गेम से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। वे अपने माता-पिता को भी इस बारे में कुछ नहीं बता पा रहे हैं।