कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह।
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विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि मुख्य सचिव और अधिकारियों को बदल कर सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। यह सरकार तीन महीने की मेहमान है। मुख्य सचिव के बाद अब डीजीपी की बारी है, उसके बाद मुख्यमंत्री को भी जनता पद से हटाने वाली है, फिर तीनों छुट्टियां मनाएं। सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है, यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक है।
विधायक ने कहा कि शिमला, कुल्लू और मंडी के बागवानों की परेशानियों के लिए बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह और प्रदेश सरकार जिम्मेदार हैं। महेंद्र सिंह क्षेत्रवाद से ग्रस्त हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के अलावा कुछ नजर नहीं आता। सेब सीजन के लिए सरकार ने कोई तैयारी नहीं की।
मंत्रिमंडल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी को 18 से 12 फीसदी कर छह फीसदी की छूट देने को उन्होंने धोखा बताया। उन्होंने कहा कि 90 फीसदी बागवान उधार कार्टन खरीदते हैं, जबकि 6 फीसदी की छूट सिर्फ एचपीएमसी से कार्टन खरीदने पर मिलेगी। उन्होंने 1,400 करोड़ के प्रोजेक्ट में बंदरबांट के आरोप लगाए और कहा कि कांग्रेस सत्ता में आने पर इसकी जांच करवाएगी।
ओडी, नारकंडा, मनाली में सीए स्टोर के भूमि पूजन हुए, मगर एक का भी निर्माण नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लेकर कहा कि वे रिवाज बदलूंगा नारा लेकर सरकार को रिपीट करवाने के दावे कर रहे हैं। प्रदेश की रीढ़ 4,500 करोड़ की सेब की आर्थिकी को बरबाद कर दिया गया है। इसका खामियाजा उन्हें आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।